कर्मवीर सम्मान से कमलेश सेन सम्मानित

0 0
Read Time2 Minute, 47 Second

भोपाल – माधव सप्रे संग्रहालय, भोपाल में इस वर्ष का कर्मवीर सम्मान शोध सन्दर्भ सामग्री के संचयन, संरक्षण और प्रबंधन के सारस्वत अनुष्ठान में जीवन के क़रीब चार दशक समर्पित करने वाले कमलेश सेन, इंदौर को उनके ऐतिहासिक कार्य के लिए प्रदान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्यप्रदेश हिंदी ग्रन्थ अकादमी के अध्यक्ष विकास दवे, माखनलाल पत्रकारिता विश्व विधालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी, सप्रे संग्राहलय के अध्यक्ष डॉक्टर शिवकुमार अवस्थी, सेज यूनिवर्सिटी के कुलपति श्री अग्रवाल जी और सप्रे संग्राहलय के संस्थापक विजयदत्त श्रीधर ने की ।
विकास दवे, विजय मनोहर तिवारी और विजयदत्त श्रीधर ने कमलेश सेन के सामग्री संजोयन और संग्रह के कार्य की मुक्तकंठ से तारीफ़ की। कमलेश सेन द्वारा मतवाला के 1926 से 1930 तक के दुर्लभ समाचार पत्र सप्रे संग्राहलय को भेंट किये गए।

कमलेश सेन ने नईदुनिया के सन्दर्भ ग्रंथालय में तीन दशक से दायित्व का निर्वहन किया। कमलेश सेन ने अनेक ग्रंथ के लेखन, प्रकाशन में महत्त्वपूर्ण सहयोग दिया, प्रभाष जोशी न्यास परम्परा द्वारा प्रकशित पुस्तकों में महत्त्वपूर्ण योगदान के लिए आपको राष्ट्रीय इंदिरा गांधी कला केंद्र के अध्यक्ष रामबहादुर रॉय और प्रभाष जोशी न्यास द्वारा दिल्ली और इंदौर में सम्मानित किया जा चुका है। प्रसिद्ध प्रत्रकार जवाहरलाल राठौर स्मृति, कृष्णा गुरु जी फ़ाउंडेशन द्वारा विघ्नहर्ता सम्मान से आप सम्मानित हो चुके हैं।
मालवा-निमाड़ और इंदौर के इतिहास, संस्कृति और परम्परा पर कई आलेख, ख़बरें बीबीसी लंदन हिंदी, वेबदुनिया, अमर उजाला डिजिटल, नईदुनिया में प्रकशित होती रहती हैं। दैनिक भास्कर के इंदौर गौरव अंक के सलाहकार में आपने प्रमुख भूमिका निभाई थी।

matruadmin

Next Post

हंगरी लेखक लास्ज़लो क्रास्ज़नाहोरकाई को मिला नोबल पुरस्कार

Sun Oct 26 , 2025
स्टॉकहोम। स्वीडिश एकेडमी की नोबेल समिति ने लास्ज़लो क्रास्ज़्नाहोरकाई को उनके उपन्यास साहित्य के लिए 2025 का नोबेल पुरस्कार दिया। मेडिसिन, फ़िज़िक्स और केमिस्ट्री के बाद इस सप्ताह घोषित होने वाला यह चौथा नोबेल पुरस्कार है, जिसे साहित्य के क्षेत्र में दिया गया है। स्वीडिश एकेडमी ने उन्हें सम्मानित करते […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।