दीपक       

1
Read Time1Second

naveen kumar bhatt

मैं
ज्ञान
दीपक
अरमान
हर अज्ञान
देता बरदान
जलकर उजेला।।
नवीन कुमार भट्ट।।।।।।।

प्रतियोगिता से इत्तर

ये
हरे
अंधेरा
तेरा मेरा
डाले बसेरा
दीपक जलके
देता नया सबेरा।।

मैं
जला
अगला
पला भला
ज्ञान की कला
है सीखता चला
दीपक पे अगला।।

#नवीन कुमार भट्ट

परिचय :

पूरा नाम-नवीन कुमारभट्ट
उपनाम- “नीर”
वर्तमान पता-ग्राम मझगवाँ पो.सरसवाही
जिला-उमरिया
राज्य- मध्यप्रदेश 
विधा-हिंदी

0 0

matruadmin

One thought on “दीपक       

  1. सच्ची माँ

    एक शब्द नहीं एक भाव है माँ,
    निश्वार्थ रहे वो लगाव है माँ.

    छल कपट युक्त व्यापार नहीं,
    कुछ पाने का आधार नहीं.
    वो कामधेनु वो कल्प वृक्ष,
    गंगाजल जैसा प्रेम स्वच्छ.
    वो हाथ वही तो पांव है माँ.
    एक शब्द..

    होती तो भ्रूणों की भी माँ,
    होती तो नागिन भी है माँ.
    एक मादा मात्र नहीं है माँ,
    है जहाँ ममत्व वहीं है माँ.
    कर्तव्य भरा एक चाव है माँ.
    एक शब्द..

    माँ बेहद कड़वी औषधि है,
    माँ माधव जैसी सारथि है.
    निर्भीक सद्गुणीं वीर है माँ,
    एक धर्म धनुष का तीर है माँ.
    निष्कपट सदा वर्ताव है माँ
    एक शब्द..

    जो साथ रहे वो साया है,
    जो पाले वो तो आया है.
    शिशु मिट्टी एक कुम्हार है माँ,
    हर मैल धोय जलधार है माँ.
    जो ममता से नासूर हुआ,
    वो बहुत पुराना घाव है माँ

    एक शब्द नहीं एक भाव है माँ
    निश्वार्थ रहे वो लगाव है माँ.

    रीतेश दुवे, उ.प्र. एटा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

व्यर्थ न हो जल की बरबादी

Mon May 21 , 2018
  जल की बूंदें जीवन   धारा, जल से जीव जगत है सारा।                 जल से धरती की हरियाली,                 जल ही भोजन की  थाली। हृदय में धड़़कन  है  जल की, जलहै जीवन आशा कल की।   […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।