भव्य रहा बोली संवर्धन कार्यक्रम सम्पन्न,गीता गुप्ता मन की अवधी बोली सावन में मनभावन करती पंक्ति “झूला परिगे है निबिया के डार,चलो गुइआ झूले चली” हर एक को की आकर्षक* साहित्य संगम संस्थान दिल्ली द्वारा आज 02 अगस्त 2020 को बोली संवर्धन ऑनलाइन वीडियो कवि सम्मेलन आयोजित किया गया, कार्यक्रम […]

आज विद्यालय आते हीं शोभना की नजरें 26जनवरी की ईंचार्ज मैडम कलावती को ढूँढ रही थी।मैडम कलावती भी शोभना से नजरें चूरा रही थी जैसे उनकी कोई गलती पकड़ ली गई हो। मध्यांतर के बाद आखिर शोभना को मैडम मिल हीं गई।उसने बिना देर किए पूछ दिया-“मैडम बस मुझे इतना […]

साहित्य संगम संस्थान दिल्ली की ई पत्रिका *मन की बात* नशा निषेध विशेषांक का दूसरे अंक का विमोचन 29 जून को साहित्य संगम संस्थान के मुख्य पटल पर  आदरणीय नवल किशोर जी द्वारा भक्ति काल में किया गया।  यह पत्रिका किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने का संदेश […]

हमारी हिन्दी करती शिकायत ममता भरी।१ हिन्दी महान करिये गुणगान बन ताकत।२ वीरता बन हमारी पहचान बनाती हिंदी।३ हिंदी दिवस मनाते धूमधाम जानें कारण।४ हर तरफ देते शुभकामना वंदन हिंदी।५ हिंदी विवस जाँचती परखती अपना मान।६ हिन्दी हिन्दुत्व परिभाषा उतरी परीक्षा रण।७ #नवीन कुमार भट्ट परिचय : पूरा नाम-नवीन कुमारभट्ट […]

प्राप्त जानकारी के अनुसार पं रामजस त्रिपाठी, नारायण*अधीक्षक*दोहाशाला साहित्य संगम संस्थान ने बताये कि दोहाशाला साहित्य संगम संस्थान दिल्ली द्वारा दिनांक 17/05/2019 नरसिंह भगवान के अवतार दिवस के उपलक्ष्य में  पटल पर सायं ८-९ बजे तक दोहा अंताक्षरी प्रतियोगिता आयोजित की गई।जिसमे एक शब्द विषय पर 6 मिनट का समय […]

होते खुश दीना नाथ रहो सदा साथ-साथ करो नित खुले हाथ *दान ही महान है।* कभी नहीं भेद करें यही सदा वेद कहे नीर नहीं छेद करें *दान ही जहान है।* कर्म नेक दान होये आन वान शान होये चहुँ ओर गान होये *दान ही उत्थान है।* कहें सारे धर्म […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।