मोहब्बत का अहसास होता ही रह गया, पता नही मैं कब तक सोता ही रह गया । मोहब्बत किया था मैंने उससे एक दफा, पर कहने की हिम्मत जुटाता ही रह गया । दिल में तो मेरे काफी ख्याल थे उसके लिए, पर आज या कल कहूँ सोचता ही रह […]

हिंदी ने सब कुछ सिखलाया, हिंदी का गुणगान करें | जिसने जना चंद जगनिक कवि, उसका हम सम्मान करें | खुसरो की ‘कह मुकरी’ जिसकी गोदी में मुस्काती हो – ऐसी पावन भाषा से नित, नूतन नवल विहान करें | हिंदी का गुणगान करें …………|| पद्मावत रच दिये जायसी, बीजक […]

ज्ञान का सागर है शिक्षक , महासागर है शिक्षक , जीवन का मान है शिक्षक , सृष्टि का अवतार है शिक्षक ! हमें ज्ञान की ज्योति देते है , हमें नवज्योति दिखाते है , विज्ञान प्रौद्योगिकी कला का सिखाते है , हमें माता – पिता से ऊंचा पद प्रतिष्ठा देते […]

भले ही देना ना उपहार कभी गुरुओं को मगर देना सदा सत्कार सभी गुरुओं को पुराणों ने कहा है वेदों ने भी माना है ईश का धरती पे आकार छवि गुरुओं को शिक्षक दिवस पे ये अभियान बढा़ना है हमें गुरु का जग में सदा मान बढा़ना है हमें गुरु […]

जीवन में , जिसको मैंने प्यार किया , उसी ने मुझे बर्बाद किया , ये हकीकत है या अफसाना , न कि अवास्तविकता , प्यार …… सिर्फ नाम से बदनाम है , ये दर्द तो बहुत देती है , दिल , आरज़ू , गम की , नदियां बहा देती है […]

मजदूरी करके भी हमको उसने पढ़ाया है । कचौड़ी के बदले उसने सूखी रोटी खाया है । हम पढ़-लिखकर इन्सान बनेंगे, यह उम्मीद उसने खुद में जगाया है । जब पिया सिगरेट बेटा,देख वह शरमाया है । उसने नशा का मूँह ना देखा,बेटे ने शिखर आज चबाया है । उसकी […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।