देशभक्ति

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balram

देशभक्त सारे आगे आओ,
देश के दुश्मन को मार भगाओ।

हम कद्र करते इंसान की,
सह सकते नहीं कभी,
जो समर्थक हो पाकिस्तान का।

जो है गद्दार देश का,
वो हमारा भाई नहीं,
भारत माँ की संतानों से
मेरी कोई लड़ाई नहीं।

भगतसिंह के देश को
तुम आज़ाद रहने दो,
बांटकर मिली जितनी
मिट्टी,हमें उसके हर कोनों में
वन्दे मातरम लगाने दो।

                                                              #बलराम कुमार भगत

परिचय: बलराम कुमार भगत की जन्मतिथि ५ अप्रैल १९९८ तथा जन्म स्थान- छातापुर (महद्दीपुर,बिहार) हैl स्नातक तक शिक्षित बलराम भगत का कार्यक्षेत्र-लेखन व पढ़ाई ही हैl आप बिहार के शहर पटना से हैं और सामाजिक सेवा के कार्यों में सक्रिय रहते हैंl हिन्दी भाषा में कविता एवं लघु कथा रचते हैंl ब्लॉग पर भी लिखते हैंl उत्कृष्ट कार्य हेतु विधायक द्वारा सम्मानित हैंl अन्य उपलब्धि में १२ वीं में महाविद्यालय में उच्च रहे हैंl लेखनी इनकी चाहत हैl

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।