न काम कोई…

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vijay rana
न काम कोई …………… दवा आएगी,
न काम कोई …………… दुआ आएगी
मौत आकर खड़ी होगी जब सामने,
हंस उड़ जाएगा,काया रह जाएगी…।
न काम कोई ………॥
किसे है पता काल के चक्र का,
तोड़ जीवन  मरण के वक्र का
अनहोनी होनी में बदलेगी जब,
न उस वक्त कोई सदा आएगी…।
न काम कोई ……………॥
कमा लो भले चाहे जितनी भी दौलत,
बढ़ा दो घरों के ……पहरों की औसत
रखेगा कदम काल…का चक्र जब भी,
न कोई भी मोहलत….दिला पाएगी…।
न काम कोई ………॥
है मिली जिन्दगी तो करो नेकियां,
न दौलत की  झूठी भरो शेखियाँ
नश्वर जहाँ में……….न कोई बचा,
नेकियां तेरी दुनिया सदा गाएगी…।
न काम कोई……………दवा आएगी,
न काम कोई……………दुआ आएगी॥
                                                              #विजय सिंह राणा ‘ध्रुव’
परिचय: विजय सिंह राणा ‘ध्रुव’ का सम्बन्ध उत्तरप्रदेश के बाँदा जिले से है। वैसे आप राणा सिंह विजय और उपनाम ‘ध्रुव’ लिखना पसंद करते हैं। जन्मस्थान-ग्राम लोहरा (बाँदा) है। एमए(इंग्लिश) और बी.एड.शिक्षित श्री राणा पेशे से शिक्षक होकर प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष भी हैं। लेखन में गीत,ग़ज़ल और कहानी लिखते हैं। कुछ कहानी अभी अप्रकाशित है।
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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।