जीवन

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तृष्णा और छल-छदम् मिटाओ |
प्रेमभाव अपने हृदय में जगाओ ||
शुष्क मन को पुष्प सा खिलाओ |
राग द्वेष से सब द्वन्द भगाओ ||

छोटी हो या बड़ी बाधा से मत घबराओ |
भर साहस हर बाधा से तुम लड़ जाओ ||
सदाचार अपनाकर नित आगे बढ़ते जाओ |
नफरत की इस दुनिया में प्रेमरंग बरसाओ ||

स्वार्थ को जागने से पहले ही जलाओ |
निस्वार्थ का कर आह्वान उसे बुलाओ ||
मानवता के पथ पर आगे बढ़ते जाओ |
निज जीवन हर्षोल्लास से जीते जाओ ||

वसुन्धरा को नेक कर्मों से स्वर्ग बनाओ |
राष्ट्र हित तन-मन-धन अर्पण कर जाओ ||
अच्छे कर्मों से जग बगिया मंहकाओ |
निर्भय हो जीवन सुखमय जीते जाओ ||

  • मुकेश कुमार ऋषि वर्मा
    आगरा
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Tue Jun 23 , 2020
वो सफ़र में मिला नही होता। दर्द मेरा हरा नही होता। ज़िंदगी की पतंग भी उड़ती। डोर से फ़ासला नही होता। दौलत ही चीज़ ऐसी होती हैं। क्या इंसां में नशा नही होता। दूर नज़रों से मेरा हमसफ़र हैं। क़ाश मुझसे ख़फ़ा नही होता। आसमाँ में ग़र आशियाँ होता। इस […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।