ये गगन ये धरा, ये मौसम हसीं। चलो तुम सदा , रुको ना कभी। सागर की लहरें, नदिया की धारा। कुछ बताएं हमें, समझो इशारा। ना रुकना कभी , चलते रहना सभी। मिले उर्वर धरा, या बंजर जमीं। मिले पुष्प ,कंटक, या पतझड़ कभी। मिले रोशन जहां, या अँधेरी गली। […]

आओ बैठें कुछ पल, और चिंतन करें। क्या सही, क्या गलत, इसका मंथन करें किया जिसने चिंतन, वो ही ज्ञानी हुआ। रस, रसायन का वो, सदा विज्ञानी हुआ। ऋषियों मुनियों ने भी , सदा चिंतन किया। रामायण और गीता में, जीवन का सार दिया। निखरता है व्यक्तित्व, सिर्फ चिंतन से। […]

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पुण्यतिथि विशेष ना कोई खड्ग था, ना ही कोई ढाल। तेरी लाठी ने ही बापू, कर दिया कमाल। आँधियाँ बुझा ना पाईं, बापू तेरी मशाल। फिरंगियों का तूने, किया था बुरा हाल। माँ भारती का तुमसे, देखा ना गया हाल। तोड़नी थीं बेड़ियां, गुलामी की हर हाल। […]

मतदान दिवस विशेष…..     चलने लगी पुरवैया, देखो बदलाव की। आई है बेला फिर से, देखो मतदान की। ओ बहनों आओ, माताओं आओ। ओ भैया आओ, भाभी भी आओ। कर लो अब मतदान रे। चलने लगी………… जो झूठे मूठे , सपने दिखाए। धन और दारू का, लालच दिखाए। उसे ना […]

कर लो कर लो, भारत की सैर भैया। मिल जाएंगे , खुशियों के ढेर भैया। कर लो कर लो…… चाहे जानों इतिहास, चाहे जानों भूगोल। चाहे जानों धरती है, गोल भैया । कर लो कर लो……. चाहे देखो रंग रूप, चाहे देखो पोशाकें। चाहे सुन लो, अनेकों बोल भैया। कर […]

भर लो भर लो दुआओं से झोलियाँ, मिल जाएंगी खुशियों की टोलियाँ। भर लो भर लो………… रोते हुए को हँसाना कभी, घावों पे मरहम लगाना कभी। दिल ना किसी का दुखाना कभी, भर लो भर लो………….. पूछ लेना गरीबों हाल कभी, बन जाना किसी की ढाल कभी। ईश्वर पूछेगा तेरा […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।