करवाचौथ केवल, एक दिन का त्योहार नहीं,, प्रेम की पावनता है ये, रिश्तो का कारोबार नहीं,, बरसों से इन रीतियों का, अनुसरण हुआ है,, सात फेरों की प्रीतियों का, पावन प्रण हुआ है,, इन पावन क्षणों का कभी, होता झूठा आधार नहीं,, करवाचौथ केवल, एक दिन का त्योहार नहीं,, प्रेम […]

स्त्री का एक भी पल स्वयं का नहीं है , स्त्री जिसका कुछ भी नहीं है अपने लिए, हमेशा सब कुछ किया जिसने सबके लिए, जैसे पूरा आकाश मिल जाता है, जब स्त्री को मातृत्व का सुख मिल जाता है, उसका एकांत क्षण नहीं होता अपने लिए, स्त्री जब मां […]

बिक रहे हैं हर घड़ी, ये कैसा अभिमान है.. सविधान दिवस पर ही, सविंधान का अपमान है.. जनता ठगी थी, ठगी की ठगी ही रह गई… कहीं कुर्सी का मलाल, कहीं कुर्सी का अरमान है… # सचिन राणा “हीरो” हरिद्वार (उत्तराखंड) Post Views: 197

जिम्मेदारी की गठरी ले मैं दौड़ आया हूं ए नौकरी मैं घर छोड़ आया हूं बचपन के वो खेल खिलौने, रेत से बनते घर के घरौंदे, वो बारिश का पानी जो कागज की कश्ती डुबो दे, उन सारी यादों से मैं मुंह मोड़ आया हूं, ए नौकरी मैं घर छोड़ […]

मेरी बातों पर कुछ ऐसे वो शर्माती थी,, रख कर उंगली होठों पर वो मुझे चुप कराती थी,, कैसे भूलू वो मिलन की रातें, कैसे खुद को समझाऊ क्या होती है विरह वेदना, क्या तुमको बतलाऊं, मेरे हाथों से कैसे वो अपने हाथों को छुड़ाती थी,, रख कर उंगली अपने […]

अपने आँगन की देहली पर फिर से बैठ जाओ ना.. कह दो मिलने का दिल है,तुम मिलने आओ ना.. किसी मुद्दत से तुझे ज़ी भर करके देखा नहीं… फिर उसी शिद्दत से मुझे बुलाओ ना… अपने आँगन की देहली पर फिर से बैठ जाओ ना… हर दूआओ में मांगा है […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।