अहसान

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laxmi choube
दिल में बसा के आपने अहसान कर दिया,
दिल का जो पूरा आपने अरमान कर दिया।
पाया जो इश्क़ यार का दीवानी हो गई,
दुनिया से हमको यार ने अंजान कर दिया।
अब और क्या सबूत दूँ मैं अपनी वफ़ाओं का,
जीवन ये सारा प्यार पे कुर्बान कर दिया।
तूफान आया जिंदगी बदहाल हो गई,
गुलशन बसा के प्यार का गुलदान कर दिया।
मुश्किल अकेले काटना था ये राह-ए- गुज़र,
बन हमसफर ये आपने आसान कर दिया।
                                                                                    #लक्ष्मी चौबे
परिचय: लक्ष्मी चौबे का जन्म १९८७ में १३ फरवरी को हुआ है। आप पश्चिम बंगाल राज्य के जिला-हुगली  स्थित तेलिनीपारा में निवासरत हैं। लेखन आपकी रुचि का कार्य है।
 

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

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