थक गया पर..

Read Time0Seconds

कर कर के मैं थक गया
जीवन भर काम।
सबको व्यवस्थित करके
किया अपना काम।
जब आया थोड़ा सा मौका
मिल ने को आराम।
तभी थमा दिया मुझे
एक प्यारा सा पैगाम।
जाकर तुम अब देखो
पुन: एक नया काम।
वाह री मेरी किस्मत
और वाह रे मेरा नसीब।
कभी नहीं मिल सकता
क्या अब मुझे आराम।
फिरसे तुम शुरू करो
एक नया काम ।
जीवन तुम्हारा निकलेगा
कर कर के ही काम।
नहीं लिखा है भाग्य में
तुम्हे कही भी आराम।
करते रहो संघर्ष
तुम जीवन पर्यन्त।
तेरा जीवन बीतेगा
कर कर के काम।
जिस दिन तू रुकेगा
अंत तेरा हो जायेगा।
फिर याद करेंगे तुझे
वो तेरे साथ वाले लोग।
जहाँ जहाँ तुम ने
किया था काम।
पर अब में क्या करू
जब रूठ गए अपने।
और हो गया शिकार
अपने ही लोगो का ।
अब किसको दे दोष
जब किस्मत गई रुठ।
फिर भी कदम नहीं
पीछे हम हटाएंगे।
और अंत समय तक
काम अब करते जाएंगे।
और कर्मी के बल पर आगे कदम बढ़ाएंगे।।

जय जिनेन्द्र देव
संजय जैन (मुंबई)

0 0

matruadmin

Next Post

आदिशक्ति देवी दुर्गा का सप्तम रूप कालरात्रि

Fri Oct 23 , 2020
बड़ा भयंकर रूप बनाया कालरात्रि रूप कहाया नासिका से अग्नि बरसे असुर सारे थर थर कांपे रक्तबीज का नाश करती कालरात्रि माँ कहलाती वरमुद्रा से माँ आशीष देती भक्तों की झोली भर देती रूप भले लगता हो भयंकर लेकिन माँ तो है शुभंकारी वीरता साहस का प्रतीक माँ कालरात्रि माँ […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।