क्यों दया करें तुम पर

Read Time0Seconds

केरल में पशुओं के साथ दुर्व्यवहार का एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। दरअसल, यहां शनिवार को एक गर्भवती हथिनी की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक वह बहुत ही शांत स्वभाव की थी, किसी को न तो परेशान करती ना ही फसल खराब करती। भूखी होने के कारण गांव में घूम रही थी कुछ शरारती मानव पिशाचों ने उसे पटाखों से भरा अनानास खिला दिया। अनानास मादा हाथी के मुंह में फट गया जिससे वह बुरी तरह से जख्मी हो गई, जख्मी होने के कारण पास ही नदी में जाकर मुंह पानी में डालकर खड़ी रही, वन विभाग ने जब उसे रेस्क्यू किया तो अगले दिन उसकी मृत्यु हो गई, मृत्यु उपरांत पता चला कि वह गर्भ से थी, आखिर उसके गर्भ में स्थित छोटे से जीव ने किसी का क्या बिगाड़ा था ? यह पैशाचिक कृत्य करते तुम्हे शर्म नही आई मानव, इसी प्रकार अन्य जगह भी जीवों को आनन्द के लिए मार दिया जाता है, तो फिर क्यों रोते हो, बिलखते हो, प्रकृति जो कर रही है, बिल्कुल सही कर रही है।

मंगलेश सोनी
मनावर (मध्यप्रदेश)

0 0

matruadmin

Next Post

प्रकृति प्यारी

Fri Jun 5 , 2020
बड़ होता बड़ा, पीपल देती शीतल छायानीम करता हवा शुद्ध आँवला औषधियुक्त। बबूल दंत की औषधि वेर खजूर मधूरतार  का  बुलंद  हौसला छूती गगन ।। आम,   लीची,  कटहल  तो देते वृद्धिदेश विदेश सैर कर  लाते है  समृद्धि।। औषधियों  से  भरा हरे  भरे घनघोर वनइनके छाल,पत्ते जड़ और फल संवारे तन। […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।