सावन सरस सुजान

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सावन शृंगारित करे, वसुधा, नारि, पहाड़।
सागर सरिता सत्यशिव,नाग विल्व वन ताड़।
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दादुर पपिहा मोर पिक, नारी धरा किसान।
सबकी चाहत नेह जल,सावन सरस सुजान।।
. 💦३ 💦
नारि केश पिव घन घटा, देख नचे मन, मोर।
निशदिन सपन सुहावने,पिवमय चाहत भोर।
. 💦४ 💦
लता लिपटती पेड़ से, धरा चाहती मेह।
जीव जन्तु सब रत रति,विरहा चाहत नेह।।
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कंचन काया कामिनी, प्राकृत मय ईमान।
पेड़ लगा जल संचयन,सावन काज महान।।
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हरित तीज त्यौहार है, पूज पंचमी नाग।
रक्षा बंधन नेह मय, रीत प्रीत मन राग।।
. 💦७ 💦
मन मंदिर झूले पड़े, पुरवा मंद समीर।
सावन मनभावन चहे, मादक हुआ शरीर।।
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रीत प्रीत पालो सखे, पावन सावन माह।
प्रेमभक्तिमय जगत हो,साजन साहिब चाह।।
. 💦९ 💦
भक्ति प्रीत संयोग का, मधुरस सावन मास।
जैसी जिसकी भावना, वैसी कर मन आस।।
. 💦१०💦
शिवे शक्ति आराधना, कान्हा राधा नेह।
कृषक धरा की प्रीत से, सावन बरसे मेह।।
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सावन का संदेश है, करो मीत उपकार।
शर्मा बाबू लाल का, नमन करो स्वीकार।।

नाम–बाबू लाल शर्मा 
साहित्यिक उपनाम- बौहरा
जन्म स्थान – सिकन्दरा, दौसा(राज.)
वर्तमान पता- सिकन्दरा, दौसा (राज.)
राज्य- राजस्थान
शिक्षा-M.A, B.ED.
कार्यक्षेत्र- व.अध्यापक,राजकीय सेवा
सामाजिक क्षेत्र- बेटी बचाओ ..बेटी पढाओ अभियान,सामाजिक सुधार
लेखन विधा -कविता, कहानी,उपन्यास,दोहे
सम्मान-शिक्षा एवं साक्षरता के क्षेत्र मे पुरस्कृत
अन्य उपलब्धियाँ- स्वैच्छिक.. बेटी बचाओ.. बेटी पढाओ अभियान
लेखन का उद्देश्य-विद्यार्थी-बेटियों के हितार्थ,हिन्दी सेवा एवं स्वान्तः सुखायः 

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।