अच्छे दिन की बातें करके सत्ता पाकर, मद में सब नेता सत्ताधारी गर्वित हैं। जनता को अब कौन पूछता है फुसलाकर। केसरिया रँग को धारे बनते धर्मित हैं। कमर तोड़ती मँहगाई जनता पर भारी। चीख पुकार रही है जनता।नहीं सहारा दिया किसी ने।रोक नहीं कोई सरकारी। पाई पाई को तरस […]

कुण्डलियाँ (1) विषय- अविरल अविरल गंगा धार है, अविचल हिमगिरि शान! अविकल बहती नर्मदा, कल कल नद पहचान! कल कल नद पहचान, बहे अविरल सरिताएँ! चली पिया के पंथ, बनी नदियाँ बनिताएँ! शर्मा बाबू लाल, देख सागर जल हलचल! अब तो यातायात, बहे सडकों पर अविरल! . 👀👀👀 कुण्डलियाँ (2) […]

कुण्डलियाँ (1) विषय- अविरल अविरल गंगा धार है, अविचल हिमगिरि शान! अविकल बहती नर्मदा, कल कल नद पहचान! कल कल नद पहचान, बहे अविरल सरिताएँ! चली पिया के पंथ, बनी नदियाँ बनिताएँ! शर्मा बाबू लाल, देख सागर जल हलचल! अब तो यातायात, बहे सडकों पर अविरल! . 👀👀👀 कुण्डलियाँ (2) […]

आज जरूरत है मानव की, विश्व शांति कायम होवे। वतन मान की सोच रखें पर विश्व मनुजता क्यों खोवे। मानव तो बस मानव होता, मानवता के गुणधारी। देश धर्म में बाँट मनुज को, राज करे सत्ता धारी। कुछ देशों की तानाशाही, कुछ को भारी पड़ती है। सत्ता की यह खेंचातानी, […]

सुनो ईश्वर यही विनती, यही अरमान परमात्मा। मनुजता भाव मुझ में हों, बनूँ मानव सुजन आत्मा। . ✨✨✨ रहूँ पथ सत्य पर चलता, सदा आतम उजाले हो। करूँ इंसान की सेवा, इरादे भी निराले हो। . ✨✨✨ गरीबों को सतत ऊँचा, उठाकर मान दे देना। यतीमों की करो रक्षा, भले […]

मापनी मुक्त सम मात्रिक छंद है यह। १६,९ मात्रा पर यति अनिवार्य चरणांत २१२ दो चरण सम तुकांत,चार चरण का छंद {सुविधा हेतु चौपाई+नौ मात्रा(तुकांत२१२)} . शरद पूनम . 🌕 सागर मंथन अमरित पाकर,विषघट त्यागते। अमर हुये सब देव दिवाकर, शिव घट धारते। सूरज देता दिवस उजाला, ऊर्जा जानिये। चंद्र […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।