क्या दया और करुणा

Read Time0Seconds
vikram
क्या दया और करुणा दिल से धुल गए

जो मिटने मिटाने पे हैं तुल गए
कभी मंदिर कभी मस्जिद पर होती है चढा़ई
धर्मों में बंट गई है अब गांधी की लडा़ई
हम धर्मों में,जातों में ,समुदाय में अटके
भूलकर सभी आदर्श अपनी राह से भटके
बन शैतान के मानिंद हम बिल्कुल गए
कैसे ये फूट पड़ गया कैसे हुआ सबकुछ
पहले तो बड़ा प्रेम था भाता नहीं अबकुछ
सदियों से गंगा जमुनी थी वो खो गई तहजीब
कैसे ढूंढे़ं दिख रहा न कोई भी तरकीब
प्रेम के प्याले में कैसे विष घुल गए
अब भी यदि चेतें तो बिगडा़ नहीं ज्यादा
फिर से लाएं दिल में हम सौहार्द का वादा
अब वैमनस्यता का न यहां नर्क हो कोई
फिर सलमा और राधा में न फर्क हो कोई
बरसेंगे नभ से फूल जो हम मिलजुल गए
फिर से वही भाव लाएं शायद जो धुल गए
विक्रम कुमार 
 वैशाली(बिहार)
0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

बरसात

Thu Jul 11 , 2019
छल,कपट,प्रपंच ,झूठ है सामाजिक अपराध इनसे जितना दूर रहो उतना जीवन हो शांत ईर्ष्या, द्वेष, प्रतिशोध भी जीवन के लिए अभिशाप पथभ्रष्ट बना देते निज को भुगतना पड़ता सन्ताप बुराई जो सभी छोड़कर सद्गुण अपनाते दिनरात उनका जीवन सुखमय रहे खुशियों की हो बरसात। #श्रीगोपाल नारसन परिचय: गोपाल नारसन की जन्मतिथि-२८ […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।