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gopal narsan
जब उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के पुत्र रोहित शेखर तिवारी की मौत का दुखद समाचार मिला,तभी मेरे पत्रकार मित्र आकाश नागर ने उनकी मौत को संदेह के दायरे में होने की आशंका जता दी थी।हालांकि उस समय मुझे भी यह आशंका थोड़ी अटपटी लगी थी।लेकिन आखिरकार आशंका सच साबित हुई और पुलिस ने रोहित की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या का संदिग्ध मामला आने से उक्त मामला हत्या के अभियोग में दर्ज कर लिया है।हत्या क्यो हुई,किसने की और किन कारणों से की यह तो जांच से ही पता चल पाएगा।नई दिल्ली के पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने निष्पक्ष व प्रभावी जांच के लिए यह मामला क्राइम ब्रांच को सौप दिया है।क्राइम ब्रांच की टीम ने मौके पर जाकर जांच भी शुरू कर दी है।उनके द्वारा स्वर्गीय रोहित शेखर के परिवार जनों व नोकरो से भी पूछताछ की गईं।जिन लोगो से पूछताछ की गई उनमे रोहित की मां उज्ज्वला व पत्नी अपूर्वा भी शामिल है।वही क्राइम ब्रांच की टीम ने पाया कि जिस कमरे में रोहित सो रहे थे,वहां के दोनों सीसीटीवी कैमरे खराब थे जबकि घर के अन्य सभी पांच कैमरे ठीक काम कर रहे हसि।पुलिस को शक है कि ये दोनों कैमरे जानबूझकर भी खराब किये जा सकते है।फिलहाल यह मामला अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या कांड के रूप में दर्ज है।
बीती16 अप्रैल को जिन्हें भी इस हादसे का पता चला वे लोग रोहित शेखर तिवारी की मौत पर दुख व्यक्त कर रहे थे ।उसी समय सबसे पहले मित्र आकाश नागर जो एक वरिष्ठ पत्रकार है ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि यह मौत स्वाभाविक नहीं बल्कि संदेहास्पद है ।उनके इस सन्देह के 3 दिन बाद ही यह शंका सच साबित भी हुई ।तभी तो   दिल्ली पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर रोहित शेखर तिवारी की हत्या का मामला दर्ज किया । आशंका थी कि पूर्व मुख्यमंत्री एन डी तिवारी की संपत्ति के लिए रोहित तिवारी की हत्या की जा सकती है । एनडी तिवारी के साथ और उनके आसपास कई ऐसे लोगों का जमघट था जो उनकी संपत्ति के बारे में जानते थे या फिर उसे पाने की फिराक में थे,बकौल आकाश नागर , वह तो यह तक भी जानते हैं कि एनडी तिवारी की संपत्ति देश में कम थी बल्कि विदेशों में ज्यादा थी । इस संपत्ति का वारिश क्योकि रोहित शेखर तिवारी ही कानूनी तौर पर था,  जैसा कि एनडी तिवारी ने उनको अपना संपत्ति का बारिश बताया व बनाया भी था । इस संपत्ति पर कुंडली मारे बैठे ऐसे कई लोग हैं जो एन डी तिवारी के मुख्यमंत्रित्व काल में उनके इर्द-गिर्द साए की तरह रहते थे । उनके कुछ ऐसे भी है जो उस समय उनके स्टाफ में भी रहे हैं । आशंका है कि वह नहीं चाहते होंगे कि किसी भी हालत में वह संपत्ति रोहित शेखर तिवारी के कब्जे में जाए या फिर रोहित उसका मालिक हो । आकाश नागर की टिप्पणी के अनुसार अगर उनके घर की ही बात करें तो रोहित शेखर तिवारी के घर में मां उज्ज्वला शर्मा , पत्नी अपूर्वा और भाई सहित कुल 10 लोग रहते हैं । जिनमें किसी ने भी रोहित शेखर तिवारी की तरफ यह ध्यान नहीं दिया कि वह उत्तराखंड से 15 अप्रैल को रात में 11:30 बजे घर पहुंचा था और खाना खा कर रात 12:00 बजे सो गया था । उसके बाद अगले दिन शाम को पूरे साढे 16 घंटे बाद घर के नौकर जोगिंदर मंडल ने ही देखा कि रोहित शेखर तिवारी की संदिग्ध अवस्था में मौत हो चुकी हैं । मंडल ने यह भी देखा कि रोहित की नाक से खून बह रहा है और वह लगभग मृत अवस्था में पड़ा है ।  सवाल यह भी उठता है कि क्या रोहित की पत्नी रोहित की मां और रोहित के भाई को यह भी सुध नहीं थी कि वह यह देख सके कि साढे 16 घंटे से बेड पर बेसुध अवस्था में पड़ा रोहित उठ क्यों नहीं रहा है ? यह घर के लोगों का रोहित के प्रति क्या रवैया प्रकट करता है ? दूसरा कारण रोहित की मां उज्जवला शर्मा द्वारा पत्रकारों से यह कहना कि बेटा रोहित की मौत सामान्य है ,लेकिन वह परेशान रहता था। जिन्होंने बेटे को अवसाद में डाला, वे उनका नाम जरूर बताएंगी। उन्होंने कहा कि मन में बहुत सी बातें हैं, लेकिन यह बात करने का उचित समय नहीं है। मां के इस बयान का मतलब भी दिल्ली पुलिस अभी तक नही समझ पाई हैं । उज्जवला शर्मा खुद उस समय घर में मौजूद नहीं थी जब उनके बेटे रोहित शेखर तिवारी की संदिग्ध अवस्था में लाश घर से हास्पिटल ले जाई गई । उसके बावजूद भी उन्होंने इसे सामान्य मौत करार क्यों दिया ? जबकि रोहित के नाक से खून निकलना अपने आप में बहुत कुछ संकेत दे रहा था । इन सब संकेतों को उज्जवला शर्मा द्वारा नकार कर सामान्य मौत कहना समझ से परे है । फिलहाल जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है उसके अनुसार रोहित की गला दबाकर हत्या की गई है । वह हत्या 15 और 16 तारीख की मध्यरात्रि यानी एक और 1:30 बजे के बीच में हुई है । इसका मतलब है कि हत्यारे पहले से ही ताक में थे क्रि कब रोहित शेखर तिवारी उत्तराखंड से वापस लौट कर आएगा और कब उसको शिकार बनाया जाएगा । आखिर सवाल यह भी है कि रोहित शेखर तिवारी के हत्यारे घर के अंदर के हैं या बाहर के …? फिलहाल दिल्ली पुलिस की क्राईम ब्रांच ने जाँच अपने हाथ में ले ली हैं । जाँच सीसीटीवी कैमरों और मोबाईल की काॅल डिटेल के द्वारा भी की जा रही हैं । अभी फोरेंसिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट भी सामने आनी बाकी हैं । जिसमें रोहित के गले और आसपास से फिंगर प्रिट लिए जा चुके हैं । खैर  सच तो सामने आ ही जायेगा क्योंकि कानून के हाथ बहुत लंबे होते है।लेकिन इस घटना से यह साफ हो गया है कि रोहित को नारायण दत्त तिवारी का पुत्र होने का दर्जा दिलवाने के पीछे मुख्य लक्ष्य उनकी सम्पति तक पहुंचना ही था।जिसमे फ्रंट पर रोहित था तो पार्श्व में वह पूरी टीम जिसकी नजर उनकी सम्पति पर रही होगी।उस टीम में कौन कौन शामिल है और कथित हत्या में कौन अपराधी है यह सब हो रही जांच के बाद सामने आ जायेगा।लेकिन बहुत कम उम्र में रोहित का इस तरह काल का ग्रास बनना बहुत कष्टदायी ही कहा जायेगा।लेकिन इस मामले में जो भी अपराधी है उन्हें कड़ी से कड़ी सजा जरूर मिलनी चाहिए।
#श्रीगोपाल नारसन
परिचय: गोपाल नारसन की जन्मतिथि-२८ मई १९६४ हैl आपका निवास जनपद हरिद्वार(उत्तराखंड राज्य) स्थित गणेशपुर रुड़की के गीतांजलि विहार में हैl आपने कला व विधि में स्नातक के साथ ही पत्रकारिता की शिक्षा भी ली है,तो डिप्लोमा,विद्या वाचस्पति मानद सहित विद्यासागर मानद भी हासिल है। वकालत आपका व्यवसाय है और राज्य उपभोक्ता आयोग से जुड़े हुए हैंl लेखन के चलते आपकी हिन्दी में प्रकाशित पुस्तकें १२-नया विकास,चैक पोस्ट, मीडिया को फांसी दो,प्रवास और तिनका-तिनका संघर्ष आदि हैंl कुछ किताबें प्रकाशन की प्रक्रिया में हैंl सेवाकार्य में ख़ास तौर से उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए २५ वर्ष से उपभोक्ता जागरूकता अभियान जारी है,जिसके तहत विभिन्न शिक्षण संस्थाओं व विधिक सेवा प्राधिकरण के शिविरों में निःशुल्क रूप से उपभोक्ता कानून की जानकारी देते हैंl आपने चरित्र निर्माण शिविरों का वर्षों तक संचालन किया है तो,पत्रकारिता के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों व अंधविश्वास के विरूद्ध लेखन के साथ-साथ साक्षरता,शिक्षा व समग्र विकास का चिंतन लेखन भी जारी हैl राज्य स्तर पर मास्टर खिलाड़ी के रुप में पैदल चाल में २००३ में स्वर्ण पदक विजेता,दौड़ में कांस्य पदक तथा नेशनल मास्टर एथलीट चैम्पियनशिप सहित नेशनल स्वीमिंग चैम्पियनशिप में भी भागीदारी रही है। श्री नारसन को सम्मान के रूप में राष्ट्रीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा डॉ.आम्बेडकर नेशनल फैलोशिप,प्रेरक व्यक्तित्व सम्मान के साथ भी विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ भागलपुर(बिहार) द्वारा भारत गौरव
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