अपराध की दुनिया है खराब परिवार तक हो जाता बर्बाद जीवन इससे नरक बन जाता परिवार को सुख न मिल पाता खून खराबे में जिंदगी बीतती रात कभी न चैन से बीतती धन दौलत वे जो भी कमाते एक झटके में सारी गंवाते हश्र सभी का एक ही जैसा बेमौत […]

श्रावण मास की रिमझिम फुहार बादलो की गर्जना लगे झनकार गुस्से में जब आ जाते है बादल बिजली हम पर गिराते है बादल होती है जन धन की भी हानि आसमान से काल की यही कहानी प्रकृति स्वयं बनाती है संतुलन श्रावण में होते हरियाली उपवन शिव साधना का समय […]

पीछे हट गया चीन शैतान देख ताकत निकल गई जान सारा कब्जा छोड़ना होगा वर्ना परिणाम भुगतना होगा शांति के है हम पक्षधर युद्ध हमारी पहचान नही जमीं पर हमारी गड़ाये दृष्टि यह किसी की ओकात नही अभी डेढ़ किमी पीछे हटा है शेष भूमि से भी हटना होगा कोई […]

अहंकार जिसने किया चैन से वह नही जिया शांति उसकी चली जाती प्रेम की विदाई हो जाती दुसरो का भी चैन हर्ता खुद भी बेमौत मरता रावण ने भी यही किया कंस ने अत्याचार किया बल,बुद्धि काम न आई विनाशकाले जान गंवाई चीन भी इसी राह पर है खुद मरने […]

समय बहुत बलवान है यथार्थ स्वीकार लीजिए रंक से यह राजा बना दे राजा को यह रंक बना दे शक्ति इसकी पहचान लीजिए समय को गर पहचान लिया समय से चलना जान लिया समय उसी की मुठ्ठी में रहा समय का विजेता वही रहा उसी को सफल जान लीजिए एक […]

अगर नर और नारी ना होते, विश्व में इतनी आबादी ना होती। बेचारी किसी भी सरकार को , इतनी समस्याएं भी ना होती।। अगर आबादी इतनी ना होती, बेरोजगारी की समस्या ना होती। सरकार कितनी भी कोशिश करें पर कभी समस्या हल ना होती।। अगर आदमी बूढ़ा ना होता, वह […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।