अहोई माता का व्रत रखने और उनकी मनोयोग से पूजा करने से अहोई मां, उपवास रख रही मां व उनकी सन्तान को लम्बी उम्र का आशीर्वाद देती हैं। संतान की सलामती से जुड़े इस व्रत का बहुत महत्व है। साथ ही इस दिन की पूजा को विशेष पूजा भी कहा […]

अंग्रेजी का झंझट छोड़ो अब हिंदी की जय बोलो कब तक हिंदी गुलाम रहेगी सत्ताधीशों कुछ तो बोलो हिंदी होना कब शान बनेगी भारत की पहचान बनेगी संसद में सिर्फ हिंदी बोलो या फिर मातृभाषा बोलो विदेशी भाषा का मोह छोड़ो हिंदी से अब नाता जोड़ो राष्ट्रभाषा बने अब हिंदी […]

लक्ष्मी स्वरूपा युगल है तो नारायण स्वरूप आप भी बनिए समर्पण भाव युगल में है तो संरक्षक स्वरुप आप भी बनिए दीर्घायु के लिए रखा है व्रत तो दायित्व बोध खुद भी समझिए सीता जैसा फ़र्ज निभाती वह राम के जैसा खुद भी बनिए राधा जैसा प्रेम किया है उसने […]

राम हिंसक नही हो सकते यह बताती जैन रामायण राम ने रावण को नही मारा यह दर्शाती जैन रामायण राम विकारो के नाशक है मर्यादा पाठ पढाती रामायण सीता,उर्मिला की त्याग तपस्या कैकई स्वार्थ दिखाती रामायण मंथरा जैसी नारी पशुता का वर्णन करती तुलसी रामायण नारी शक्ति का द्वापर युग […]

भारत रत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम जयंती (विश्व विद्यार्थी दिवस )* पर विशेष 15 अक्टूबर के दिन को ‘विश्व विद्यार्थी दिवस’ (World Student’s Day) मनाया जाता है। ।यह दिवस भारत के पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन के नाम से मशहूर डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की स्मृति में मनाया जाता है।उनका जन्म […]

अमीर सत्या फाउंडेशन सिरसा हरियाणा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमन लवली मोगा द्वारा, सांसद डॉ किरीट भाई सोलंकी (अहमदाबाद) सांसद महेंद्र भाई मुजपरा (सुरेंद्र नगर) और निर्देशक ए डी सी बेंक बी पिन भाई पटेल की उपस्थिति में रेड क्रॉस सोसाइटी, रेड क्रॉस भवन अहमदाबाद में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।