परमात्म यज्ञ भी प्रभावित हुआ आदमी ही आदमी से दूर हुआ ईश्वरीय विद्यालय में पढ़ाई नही परमात्म वाणी किसी ने सुनाई नही सत्संग को भी तरस गए है हम सेवा के लिए नही जा पा रहे हम जो मुरली में बताया वही हो रहा है आदमी ही आदमी को खो […]

शक्ति स्वरूपा माँ दुर्गा का आओ मिलकर आव्हान करे कल्याण करे जगत का वह ऐसा हम अनुष्ठान करे नारी जाति के सम्मान से ही माँ दुर्गा प्रसन्न हो सकती है कन्या को सब देवी समझे उपकार तभी वह कर सकती है दया नही उसको अधिकार दो सम्मान से जीने का […]

हे माँ नवदुर्गा तुम्हे नमन भारत को बना दो तुम चमन कोई भी नारी अबला न हो कोई कन्या भूर्ण हत्या न हो कन्याओ की जय जयकार रहे हर घर यहां खुशहाल रहे हर कन्या देवी स्वरूपा लगे उसके लिए सम्मान जगे वह भेदभाव की शिकार न हो उपेक्षित कोई […]

आत्मबोध हो जाता उसको परमात्म याद में रहता है जो आदि,मध्य,अंत का ज्ञान सहज रूप में पा जाता वो यथार्थ जीवन जीता है जो व्यर्थ उसे कभी भाता नही विकारो से सदा दूर रहता पवित्र सहज बन जाता वो ईश्वरीय ज्ञान हो जाता जिसको जनजन की सेवा करने लगता पुरुषार्थ […]

कन्या पूजन की बेला आई घर घर मे नवरात्र है भाई भूखे रहकर साधना करेंगे देवी मां को खुश करेंगे दुर्गा सप्तशती रोज़ पढ़ेंगे हर दिन देवी को याद करेंगे कन्या प्रतिरूप है देवी का कन्या पूजन,पूजन देवी का भक्तों की कतार बड़ी है फिर भी कन्या संकट घड़ी है […]

ओम शांति से अभिवादन करो परमात्मा याद से दिन की शुरुआत ओम शांति मन्त्र है अदभूत सिखाए आत्म स्वरूप की बात शांत रहना स्वभाव आत्मा का अशांत का कही नही स्थान शांत स्वभाव में रहे आत्मा इसका अभ्यास करना होगा व्यर्थ चिंतन से मुक्ति ले लो परमात्मा में ध्यान लगाना […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।