अब अहित सोचना बंद करो कुछ तो ऊपर वाले से डरो सबकी भलाई की बात करो अच्छे जज्बात अपने करो अच्छाई ही सबके साथ जाएगी बुराई किसी काम नही आएगी समय की कीमत को पहचानो सद्कर्म जीवन में अपना लो किसी को दे सको तो खुशी दो अपनत्व समान मजबूती […]

जब लाईलाज थे तब संभल गए अब ईलाज है फिर भी फ़िसल गए इसमे कोई दोष नही महामारी का दिवाला निकला है समझदारी का छूट क्या मिली बेपरवाह हो गए कोरोना को डरा खुद हव्वा हो गए न मास्क पहना,न दो गज की दूरी जिंदगी दांव पर लग गई पूरी […]

जो हमारे अपने थे वो हमसे दूर हो गए इस मुई महामारी से हम सब मजबूर हो गए कभी सोचा न था ऐसी घड़ी भी आएगी वो अस्पताल में रहेगे हम मिलने तक से मजबूर हो गए जिनके प्यार में हमने पलक पावड़े बिछाये सदा उन्हें देखने तक को हम […]

सबसे करिए प्रेम जगत में अपना हो या हो पराया सब ईश्वर की सन्तान है ईश्वर का हो सब पर साया पंचतत्व से बनाई सृष्टि दिया अनूठा उपहार सबको वही पालक है इस दुनियां के अजन्मा निराकार कहते उनको जीवन मरण से परे वे रहते तभी तो वे परमात्मा कहलाते […]

जीवन परमात्मा की देन है जीवन को न तू अपना मान जीवन के हर एक क्षण को जीवन का अंतिम क्षण मान हर क्षण पुरुषार्थ का हो ध्यान मिले सदा ही प्रभु का ज्ञान निरहंकार रह जीवन जियो जीवन अमानत प्रभु की जान कर्म कोई ऐसा न होने पाये जिससे […]

सुखद बना ले आज कल भी अच्छा होगा छोड़े व्यर्थ के विचार मन भी सच्चा होगा नवरात्र के उपवास देते हमें यही सीख़ खाओ शुद्ध आहार रखो कन्या से भी प्रीत कन्या है सुखदायनी बेटा कुल का आधार याद रहे वह परमात्मा जो लगाते वैतरणी पार।#श्री गोपाल नारसन Post Views: […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।