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बेटियो का मान और उपभोक्ता कानून पर एक बहस

सबसे करिये प्रेम सदा मधुर वाणी रहे सदा दुश्मन कोई न हो जगत मे ऐसा व्यवहार रखिये सदा परमात्मा के है सब बन्दे क्या हिन्दू क्या मुस्लिम भाई भाई का…
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पावन

तन मन पावन हो अगर सार्थक जीवन की बने डगर नकारात्मकता निकट न आएं सकारात्मक सोच बने अमर जीवन बोझिल कभी न हो अवसाद कभी प्रबल न हो खुशियां ही…
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योग

मन,वचन,कर्म से रहे देव समान तभी मिल पायेगा समाज मे मान आत्मा भी तब निर्मल हो जायेगी परमात्म कृपा सहज हो जायेगी जीवन मे सुख ही सुख हो जायेगा कष्टों…
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बेटिया

बेटियो पर हो रहा जुल्म देख लीजिए कानून से हो रहा खिलवाड़ देख लीजिए भाषणों से सब ऊब गए है यथार्थ मे कुछ अब कर लीजिए दावो से पेट भरता…
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इच्छा

अधिक इच्छाये विकार है तनाव का आधार है जो इन पर लगाम लगाये वही परमसंत कहलाये इच्छाओ को बढ़ने ही न दो महत्वकांक्षी होने ही न दो इच्छा ही पथभृष्ट…
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इंसान बनो

कामुकता हावी हुई रिश्ते हुए तार तार अंग प्रदर्शन की होड़ मे खो गई सब लिहाज बड़े छोटे का सम्मान नही बाप बेटे मे प्यार नही बहनो की लाज संकट…
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