प्रभु याद में जीवन बिताया सदा शांति का पाठ पढ़ाया स्वेत वस्त्र में देवी स्वरूपा चेहरे पर तेज सब ही ने देखा जेब और पर्स से दूर रही फिर भी सदा धनवान रही ओम शांति का पाठ पढाती हर किसी को अपना बनाती हलचल उन्हें नही भाती थी परमात्म स्थिरता […]

कोरोना के कहर ने कर दिया है बेहाल घर मे सब कैद है न आटा है न दाल गरीबो की भूख को अनदेखा करना नही यह फ़र्ज हम सबका है किसका चूल्हा जला नही सरकार हम सबसे है करिए उसको सहयोग कोरोना के खात्मे को अपनाइए सफाई योग जनता कर्फ्यू […]

जीवन दिया तुम्ही ने हमको याद भी अपनी दिया करो कर पाऊं धन्यवाद तुम्हारा अवसर मुझको दिया करो ज्ञान से तुम्हारे जगमग जीवन धारणा से अनुगामी बना सेवा करके संतुष्टि मिली शांति का महासागर मिला मुझे मेरी पहचान कराई तुम्हे पाने का रसानन्द मिला आत्मा होकर परमात्मा तक पहुंचने का […]

घोर कलियुग का दौर है स्वार्थ हो गए सर्वपरि निष्ठा पल में बदल गई स्वयं को जो कुर्सी मिली जनता की कसमें खाकर जो खुद को सेवक बताते थे वही महाराज दलबदल कर जनता का मोल लगाते है जीवन दर्पण है सब देखते है लक्ष्मीबाई से हुआ छल देखते है […]

सफल अगर हो गए आप धन्यवाद ईश्वर का कीजिए जो कर्म किए सफलता के लिए उनको याद जरुर कीजिए सफलता की प्रशंसा मिले यह इच्छा कभी मत कीजिए सफलता पर मिले सन्तोष से स्वयं सुख का अनुभव कीजिए करने वाले आप नही है यह मन मे धारण कीजिए स्वयं को […]

लोकतंत्र के गलियारों में जन आवाज़ अनसुनी हो गई सरकार लगता है बहरी हो गई फरियाद किससे लगाए जनता न्याय किससे पाए मंत्री प्रसाद नैथानी ने अनूठा तरीका अपनाया देवयाचना बिगुल बजाया अब सरकार की शिकायत देवी देवताओं से कर रहे है सरकार को सद्बुद्धि आए भगवान से याचना कर […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।