जो समय के साथ नही चले उनके छूट जाते है काज जो सोचते वर्षो वर्ष की सोचा पूरा नही होता आज है सब यह ईश्वरीय लीला हम तो है उसके खिलौना जितनी चाबी भरी है उसने उतना ही चलता यह खिलौना जो चाहता वही कराता हमसे वही संवारता कल और […]

खगोलीय परिवर्तन का अनूठा पर्व है आज उत्तरायण मे पधारने पर नमन ,हे सूर्य महाराज यह शुभघडी है सदसंकल्प की जिसमे सफल होते हर काज़ बुजुर्गों के सम्मान का पुनीत अवसर यह कहलाता चरण छूकर बड़ो के हर कोई आशीर्वाद पाता मकर सक्रांति अवसर पर पात्र को जो करते दान […]

भक्ति में अंध श्रद्धा करते प्रार्थना करते हम अनूठी खुद को मूर्ख,खल,कामी कहते बात भले ही हो सब झूठी परमात्मा की सन्तान है हम गलत कैसे हो सकते है हम गलती अगर हो गई हमसे प्रायश्चित करे हम उसका छोड़ दे सब बदी बुराई सदाचरण करे जीवन का स्वयं को […]

सबके भले की बात करे आओ ऐसा पुरुषार्थ करे कोई दुःखी न रहे जग में ऐसी ईश्वर से आस करे खुद को व्यर्थ से दूर करे सद्चिन्तन हमेशा करे बसे रहे प्रभु सदा मन में ऐसा नियमित ध्यान करे हम बदलेगे जग बदलेगा जीवन का लक्ष्य सुधरेगा चरित्र निर्माण अपना […]

कई बड़े दर्द दिए इस गए साल ने कई अपने चले गए इस गए साल में नई खुशियां लेकर आया है यह साल दर्द सारे भूल जाओ इस आये साल में पशु पक्षी उन्मुक्त रहे इस गए साल में हम ही घरों में कैद रहे इस गए साल में हमे […]

जो कभी नही देखा था वह सब देखना पड़ा इस 2020 के साल में कोरोना को झेलना पड़ा जीवन भारी सा हो गया कई अपनो को ले गया सबके सब अछूत हुए हाथ मिलाना पाप हुआ गले लगाना अभिशाप हुआ चेहरा मास्क में ढक गया पहचानना मुश्किल हो गया मेले […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।