समय बहुत बलवान है यथार्थ स्वीकार लीजिए रंक से यह राजा बना दे राजा को यह रंक बना दे शक्ति इसकी पहचान लीजिए समय को गर पहचान लिया समय से चलना जान लिया समय उसी की मुठ्ठी में रहा समय का विजेता वही रहा उसी को सफल जान लीजिए एक […]

अगर नर और नारी ना होते, विश्व में इतनी आबादी ना होती। बेचारी किसी भी सरकार को , इतनी समस्याएं भी ना होती।। अगर आबादी इतनी ना होती, बेरोजगारी की समस्या ना होती। सरकार कितनी भी कोशिश करें पर कभी समस्या हल ना होती।। अगर आदमी बूढ़ा ना होता, वह […]

पिता हमारा जब परमात्मा चिंता का कर दो खात्मा सारी फिक्र भी वही करेगा सारे दुःख भी वही हरेगा तुम्हे तो बस कर्म करना है कर्म को अपना धर्म समझना है रोटी,कपड़ा ,मकान मिलेगा सुख,सम्रद्धि, सम्मान मिलेगा सन्तोष को बस गहना बना लो शांति मन्त्र की माला बना लो सब […]

मानव जीवन सार्थक बना लो मानवीय संस्कारों को अपना लो दया,करुणा, प्रेम,अपनत्व को आभूषण समझ गले से लगा लो हिंसा,द्वेष, ईर्ष्या, लालच को अपने से बस दूर भगा लो जो सुख मिलेगा इससे जीवन में उसे परमानन्द का आधार बना लो।#श्रीगोपाल नारसन Post Views: 14

नामकरण एक अनूठा संस्कार भविष्य का वही प्रथम आधार नाम अनुरूप ही संस्कार बनते भविष्य के वही पर्याय बनते देव स्वरूप हो अपना नवजात देवो नाम पर नामकरण करते रावण,कंस,दुर्योधन ,सूर्पनखा इनके नाम न रखे कोई सखा बलराम ,कृष्ण,राधा सब चाहते राम, सीता,लक्ष्मण भी भाते गलत नाम से हर कोई […]

इक्कीस दिन सह लिया उन्नीस दिन ओर सहेंगे अभी तक घर पर रहे उन्नीस दिन ओर रहेंगे घर का चूल्हा कैसे जले यह भी तो बतलाना था जिनको वेतन नही मिलता उनको जतन समझाना था मजदूरों का हाल बुरा है रोजी रोटी ठप्प हो गई घर मे खाने को दाने […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।