दिखता नहीं….

0 0
Read Time1 Minute, 12 Second

 

singhai subhash
दिखता नहीं
भीड़ में कोई शत्रु
खाली हो पेट
विपत्ती आयी
घर बदले मित्र
सूखी अपेक्षा
भंवरें जुड़े
दलबल सहित
सन्नाटा चिरा
बिना उजाले
अंधियारा प्रबल
कायम आशा
गर्म शीतल
प्रकृति का स्वभाव
पवन कहे
चौखट गिरी
घर -घर की रीत
दीवार उंठी
लौटेगा वह
समझ आने पर
अपेक्षा इन्हें
#सिंघई सुभाष जैन

परिचय :

 नाम –          सिंघई सुभाष जैन
 जन्म तिथि   9 दिसम्बर 1956
जन्म स्थान – नरसिंहपुर के दूर – सुदूर गांव
                    बिलेहरा ( नादिया)
सम्प्रति –       बैंक ऑफ़ बड़ौदा से विशेष सहायक पद से सेवानिवृत 
उपलब्धि –    कादम्बिनी एवं स्वेदश द्वारा  कहानी के लिये 
                   दो दशक पूर्व पुरस्कृत
लेखन –        कहानी , लघुकथा , हाइकू एवं कवितायें ।
                  प्रमुख पत्र – पत्रिकाओं में रचना प्रकाशित  एव
                  आकाशवाणी से रचनायें प्रसारित
सम्पर्क।      इन्दौर(मध्यप्रदेश)

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

नेताओं की कूदा फ़ांदी

Fri Jan 18 , 2019
चल कीर्तन कर ले “धरतीपुत्र” अब लोकसभा की बारी आयी आधी रात के काले कागों ने जब नेताओं की कूदा फ़ांदी गायी अपने कुछ मुद्दो को लेकर नेता उछल कूद कर जायेंगे इस दल से उस दल तक वे दलदल का गंध गिरायेंगे दलबदलू की परिभाषा में न जाने कितने […]

पसंदीदा साहित्य

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।