मैं स्मार्ट हूँ

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avinash
बहुत स्मार्ट हैं नरेंद्र दामोदरदास मोदी जी,हाथों-हाथ उतारा कर दिया हामिद अंसारी का राज्य सभा में,वाह क्या लगा-लगा के मारा और अभी तक उसी नशे में ग़ाफ़िल हैंl इतने ग़ाफ़िल कि, गोरखपुर के ६३ नौनिहालों की अस्थियाँ गंगा में विसर्जित हो जाने तक और उनके तथाकथित नकली(जैसे तमिलनाडु के किसान और नर्मदा घाटी के विस्थापित हैं,बिल्कुल उतने ही) माँ-बाप की चीत्कारों के ठंडा हो जाने तक उनके मुंह से कुछ नहीं निकलेगा, बिल्कुल `मौनमोहन` हो जाएंगे,तटस्थ एकदम बगुले की भांति।
अरे वहाँ चीन धमकियां दे रहा है,उस पर ही कुछ न बोले तो ये नाचीज़ बच्चे किस खेत की मूली हैं। पहली बात तो वो ठेकेदार नालायक जिसे अपने ६९ लाख रुपए की पड़ी थी क्या यू.पी. सरकार सहारा श्री थोड़ी थी कि,भुगतान के लिए सुप्रीम कोर्ट में जा के झूठ बोल देती? योगी जी की सरकार है,भुगतान तो मिल ही जाता न, ऊपर से ७० साल का भ्रष्टाचार,योगी जी तो खुद पैसे देना चाहते थे मगर ठेकेदार बिना रिश्वत दिए भुगतान लेना ही नहीं चाहता था। कोई बात नहीं,अब मोदीजी की सरकार है २०१९ में एक-एक सांसद को देख लेने दो और नई सरकार बना लेने दो ४-५ साल में जाँच पूरी होते ही दंडित कर देंगे सबको। अब ये कोई स्विस बैंक का कालाधन तो है नहीं कि,१५-१५ लाख खातों में नहीं डालेंगे।बस २-३ दिन में सब बच्चों के खातों में मुआवजा राशि डल जाएगीl चैक के साथ खुद केन्द्रीय मंत्री अपना सब काम छोड़ के फोटो खिंचाने और संवेदना जताने गोरखपुर जाएंगे। देखो यार, फालतू बात मत करो,अब क्या वहां भी अमित शाह साहब थोड़ी जाएंगेl १ विधायक १० से २० करोड़ का होता है यहां, ६३ बच्चे २-३ करोड़ में निपट जाएंगे,औकात क्या है इन गरीबों की।
बस हामिद साहब निपट गए,चीन भी निपट जाएगा,विदेश के १-२ दौरे और निपटा लेने दोl यार ये गोरखपुर की बात मत करो,मेरी ट्वीट की नीली चिड़िया अभी सोई है। १५ अगस्त को पूरा देश राष्ट्रभक्ति में भाव विभोर हो के लालकिले से भाषण सुनने के लिए बेताब था। ७० साल में ऐसा कोई प्रधानमंत्री नहीं देखा होगा जो जनता को अपने `मन की बात` सुनाता है,आप अपने मन की बात अपने मन में रखो,अभी तो हामिद साहब निपटे हैं, ताली बजाओ,मैं नरेंद्र दामोदरदास मोदी हूँ बड़ा स्मार्ट प्रधानमंत्री।

                                                             #अवनीश जैन

परिचय:लेखन,भाषण,कला और साहित्य की लगभग हर कला में पारंगत अवनीश जैन बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी हैं। ४७ बरस के श्री जैन ने महज ९ वर्ष की उम्र में पत्रकारिता से जिंदगी की शुरुआत की और विभिन्न व्यवसायों में यात्रा करते हुए कई वर्षों से शिक्षा और प्रशिक्षण में व्यस्त हैं। इंदौर निवासी श्री जैन कई औद्योगिक और रहवासी संस्थानों के वास्तु सलाहकार भी हैं। अब तक कई कविताएं-कहानियाँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। लिखना आपकी पंसद का कार्य है,साथ ही शिक्षा के छोटे-बड़े कई संस्थानों में प्रेरणादायक प्रशिक्षक के तौर पर अनेक कार्यक्रम कर चुके हैंl

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।