मातृभाषा ने डिजिटल रूप से मनाया हिन्दी महोत्सव 2022

2 0
Read Time4 Minute, 19 Second

महीने भर चली प्रतियोगिताएँ और आयोजन

दिल्ली। भारत में हिन्दी भाषा के विस्तार और प्रसार के लिए कार्य करने वाले मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा हिन्दी महोत्सव 2022 का आयोजन किया गया, जो पूरे सितम्बर महीने मनाया गया।
हिन्दी महोत्सव 2022 के अंतर्गत देश के विभिन्न शहरों में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए एवं संस्थान द्वारा डिजिटल रूप से प्रतिदिन हिन्दी की विभिन्न विधाओं की प्रतियोगिताएँ आयोजित भी की गईं, जिसमें प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र व चयनित विशिष्ट रचनाकारों को उपहार प्रदान किए गए।
संस्थान की दिल्ली एवं इंदौर इकाई द्वारा आयोजित हिन्दी माँ के पूजन से हिन्दी महोत्सव 2022 का शुभारंभ हुआ। इसके बाद इन्दौर, भोपाल, उज्जैन, रायपुर, बिलासपुर, दिल्ली सहित कई शहरों में लघुकथा मन्थन, प्रतिभा सम्मान, विद्या रत्न सम्मान, बाल काव्य रत्न सम्मान व संगीत, काव्य गोष्ठी, कवि सम्मेलन, पुस्तक विमोचन इत्यादि कई आयोजन हुए। इसी के साथ मातृभाषा.कॉम द्वारा पूरे माह डिजिटल प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की गईं, जिसमें सैंकड़ो साहित्यकारों ने हिस्सा लिया।

संस्थान की राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शिखा जैन ने बताया कि ‘हिन्दी भाषा का प्रचार ही हमारा ध्येय है, उसी को केंद्रित कर हिन्दी महोत्सव 2022 का आयोजन किया गया। तीस दिनों में आयोजित विभिन्न प्रायोगिताओं इसमें देश के प्रत्येक राज्यों से साहित्यकारों ने सहभागिता करके इस उत्सव को महोत्सव बनाया है।’


महोत्सव का संयोजन संस्थान की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भावना शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि ‘डिजिटल रूप से आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में असम, बंगाल, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली, मध्यप्रदेश, मेघालय, गुजरात, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, बिहार, झारखण्ड सहित विभिन्न प्रान्तों के लगभग 1000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सेदारी करते हुए विजेता भी बने। इस समय संस्थान के माध्यम से देश के लगभग 25 राज्यों के साहित्यकार आपस में जुड़े हुए हैं।’


ज्ञात हो कि मातृभाषा उन्नयन संस्थान हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। इसी तारतम्य में हिन्दी भाषा का प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।
संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान कर शुभकामनाएँ दीं। साथ ही, संस्थान की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ.नीना जोशी, राष्ट्रीय सचिव गणतंत्र ओजस्वी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य नितेश गुप्ता, सपन जैन ‘काकड़ीवाला’, प्रेम मंगल, गौरव साक्षी ने सभी प्रतिभागियों को सहभागिता के लिए बधाई प्रेषित कर उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सितम्बर माह के अंतिम दिन हिन्दी महोत्सव का समापन हुआ।

matruadmin

Next Post

गाँधी के देश में गाँधी की अनिवार्यता

Sun Oct 2 , 2022
डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ देश की माटी का गौरव, समाज का अस्तित्व, जन का मान, सर्वहारा वर्ग की चिन्ता, हर तबके का विशेष ख़्याल, भाषाई एकता और अखण्डता के बीच हिन्दी की स्वीकार्यता, राष्ट्र की आज़ादी के रण के नायक, नेतृत्वकर्ता, सत्यवादी, मितव्ययी, स्वावलम्बी, समरस और सर्वहितैषी, राजनीति की कलुषता […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।