खुद एक चांद हो तो क्यों पूर्णिमा इंतजार करे। और मोहब्बत का इसी रात में होकर मदहोश हम आंनद ले।। तुम जैसे दोस्त से यदि मोहब्बत हो जाये। तो हमें सीधी सीधी जन्नत मिल जाये।। डूब चुका था प्यार के सागर में, और नश नश में मोहब्बत भर गया था। […]

करे जो पूजा और भक्ति नवरात्रि के दिनों में। और साधना करते है माता की उपासना करके। तो मिलता है शुकुन उसे अपने जीवन में। और हर इच्छाएं हो जाती उसकी पूरी।। माता के 9 रूपो को जो 9 दिन पूजते है। उसको हर रूप का दर्शन साधना में दिखता […]

खनती चूड़ियां तेरे मुझे क्यों बुलाती है। पायल की खनक भी हमें बुलाती है। हंसती हो जब तुम तो दिल खिल जाता है। और मोहब्बत करने को मन बहुत ललचाता है।। कमर की करधौनी भी कुछ कहती है। प्यास दिल की वो भी बहुत बढ़ाती है। होठो की लाली हंसकर […]

लोग जल जाते है मेरी मुस्कान पर क्योंकि मैंने कभी दर्द की नुमाइश नहीं की। जिंदगी से जो मिला कबूल किया किसी चीज की फरमाइश नहीं की । मुश्किल है समझ पाना मुझे क्योंकि जीने के अलग अंदाज है मेरे जब जहां जो मिला अपना लिया जो ना मिला उसकी […]

न बोल सकता हूँ न सुन सकता हूँ हाँ देख सकता हूँ परन्तु कह नहीं सकता। कुछ करने का तो। प्रश्न उठता ही नहीं। क्योंकि ये भारत है। जहाँ एकतरफ चलता है। चाहे टेलीविजन हो या रेडियो हो या समाचार पत्र हो। सभी एक तरफ ही दौड़ाते है। पर किसी […]

न दिल लगता है न मन लगता है। बस तुम्हे देखने का मन करता है।। न भूल सकता हूँ न भूलाया जा सकता है। दिल में एक कसीस है उसे दिलमें सजाया है।। गम के अंधेरों में तुम्हें ढूढ़ रहा हूँ। शायद रोशनी की किरण मिल जाये।। फूलों की किस्मत […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।