कभी अंधेरों में रोशनी को ढूँढ़ता हूँ। तो कभी रोशनी को अंधरो में खोजता हूँ। एक दूसरे के बिना दोनों ही अधूरे से हैं। इसलिए दीयावाती तेल दोनों के पूरक हैं।। जिंदगी के सफर में कुछ कुछ होता रहता हैं। कभी जिंदगी में अंधेरा तो कभी उजाला होता है। पर […]

लोकतंत्र के नाम पर पूंजीवाद के मकड़जाल में फंसता आदमी । असुरक्षित सत्ता से सुरक्षा की गुहार लगाता आम आदमी । भावनाहीन, तर्कहीन चाटुकार प्रशासन से अपनी सुविधाओं की भीख मांगता आदमी । राष्ट्रवाद के नाम पर अपने ही सैनिकों के खून पर फिर से सत्ता सुंदरी को पाते हैं […]

मोहब्बत का नशा बड़ा अजीब सा होता है। जब मोहब्बत पास हो तो दिल मोहब्बत से घबराता है। और दूर हो तो मिलने को बार बार बुलाता है। और दिलों में एक आग सी जलाये रखता हैं।। दूर होकर भी दिल के पास होने का एहसास हो। मेरे दिलकी तुम […]

गीत कविता लेख आदि मोहब्बत पर लिखता रहा। और लोगों की हंसी का पात्र मैं बनता रहा। क्योंकि वो लोग हमें पागल जो समझते थे? इसलिए मेरी लेखनी पर वो हमेशा हँसते थे। पर जब मेरे मोहब्बत के एक छोटे से पैग़ाम ने। लोगों को मोहब्बत करना और निभाना सिखा […]

बचपन की यादों को कभी भूला ही नहीं। जवानी के किस्सों को दिलमें सजाकर रखे हूँ। कितना खुश और प्रसन्न उस जमाने में रहता था। जब न कोई चिंता न कोई दयित्व था। बस मौज मस्ती का वो भी एक दौर था।। पड़ लिख कर जब नौकरी करने लगा । […]

विकास ,विकास ,विकास आजकल हम सभी का दिन के प्रत्येक प्रहर में इस शब्द से सामना जरूर होता है। चाहे नेताओं के नारे जैसे “सबका साथ ,सबका विकास” हो या आम आदमी के जुबान से निकलता हुआ विकास का दावानल हो। हम सभी विकास को पाने की दौड़ में चाहे […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।