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नव जीवन के सपने बुनती एक किशोरी के भाव कुछ इस तरह। .. . . . . . . .. . . . . . . . . .
स्पंदन था ह्रदय में मेरे
भावनाये पुलकित हो रही
मस्तिष्क में था स्वपनलोक सा भाव
नए स्वपन अवतरित हो रहे
मदहोशीयो सा भाव था मेरा
पाँव जमी से कोसो दूर थे मेरे
भावनाये कर अठखेलिया हृदय में मेरे
उमंग तरंग की लहरों पे सवार थी मै
हवा में संगीत सा मधुर ताना बाना था
नव जीवन के लिए मन में भाव लिए . . . . . . . . . . . .
#शालिनी जैन
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