जब अपने मिल जाते है खुशी से मन इतराता है। छलक जाते है आँसू पुरानी यादें आने पर। खुशी के वो सारे पल सामने आने लगते है। और हम खो जाते है उन बीते हुए दिनों में।। भूलकर भी भूलता नहीं उन बचपन के दिनों को। जब किया करते थे […]

नारी की शिक्षा। नारी नै ना समझो नादान यही सै भविष्य की पहचान यही सै उज्जवल भविष्य की शान यही सै देश की शान, बान, आन। नारी का बढ़ रहा सै सम्मान समाज में खुद की बना रही है पहचान इनके साथ होता रहा घोर अपराध शिक्षा से ही बनेगा […]

कैसा है यह मन बावरा, अनजाने डर से यह घबराता न कोई अपना न कोई पराया, फिर भी ढूंढे यह साथी पहचाना ना जाने कैसा है यह मन बावरा—- पता है इसको माहौल पुराना कि जहाँ वाह वहां अफवाह फिर भी अफवाहों से यूं ही डर जाता मेरा मन बेचारा […]

भक्ति में अंघ श्रद्धा समाई ज्ञान कराता आत्म बोध भक्ति हमे समर्पण सिखाती ज्ञान कराता विवेक बोध परमात्म भक्ति भी जो करे फल उसको जरूर मिलता बढ़ चले जो ज्ञान मार्ग पर परमात्म साथ उसे मिलता परमात्म हमारा रूहानी पिता हम है उनकी आत्म सन्तान फिर याचना कैसी,हक से मांगो […]

बाल एक जीवित पदार्थ है जो स्तनधारियों के शरीर पर ही पाया जाता है। यह त्वचा की बाहरी सतह से निकलने वाली एक रेशेदार संरचना है। मुड़ पैरों वाले कीड़ों में भी ऐसी संरचनाएं होती हैं जो शरीर से बाहर निकलती हैं, लेकिन उन्हें बाल नहीं कहा जाता है क्योंकि […]

तू ही जननी, तू ही विनाशनी, तू ही शक्ति स्वरूपा है। तू ही दुर्गा, तू ही काली, तू ही माँ जगदम्बा है। ममता का वात्सल्य भी तू है, तू ही गौरी माता है। सतीत्व की मूरत है तू, कभी सावित्री कभी अनुसूया माता है। तू ही दिति, तू ही अदिति, […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।