पराई जब हम छोटे थे तब हमें समझाते थे की लड़की पराया धन है जब थोड़े बड़े होते गए अब समझ में आया अपनी लड़की बहन बेटी बुआ यह सब है लड़की वो भी है जो हमारे घर में आई है मम्मी दादी पत्नी चाची ताई पर यह तो हो […]

वक्त की जरूरत ने शिक्षा प्रणाली को ऑनलाइन बनाने के लिए मजबूर कर दिया, क्योंकि समय पर र्कोर्स पूरा करना भी जरूरी था। बोर्ड व परिषद द्वारा भले ही पाठ्यक्रम की कटौती कर परीक्षाएं लेने की बात कही जा रही हो, लेकिन पठन-पाठन के बिना परीक्षा योग्य होना भी छात्रों […]

बदला लेकर खुश होना है क्षणिक अभिमान प्रतिशोध त्याग कर क्षमा करना बढाता सदा ही मान बदला लेने के बजाए बदलो तुम इंसान को क्षमा करके गलती पर बनकर दिखाओ महान महान बन जाने का भी मत पालो अहंकार निरहंकारी हो जाओ पाकर परोपकारी ज्ञान नही रहेगा फिर द्वेष मन […]

ढूँढती हूँ अनेकता में एकता विविधतायों से भरे हुए से देश में रंग गुलाल में मिलकर जो प्यार के रंग में बदल जाता था। ढूँढती हूँ अमन -चैन इस फिरका परस्ती के दौर में जहां भाई -भाई का रक्त पिपासु बन बैठा है। ढूँढती हूँ उस अजेय से भारत के […]

आज 25 दिसंबर को पूरे भारतवर्ष में जहाँ एक ओर क्रिसमस का त्यौहार मनाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर भारतीयों के दिलों पर राज करने वाले राजनीति के अजातशत्रु अटल जी का जन्मदिन भी हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। सभी धर्मों से पहले राष्ट्रधर्म और राजधर्म को मानने […]

कृषक चर्चा में मास भर से आन्दोलन धरना प्रदर्शन में पहली बार नहीं इससे पूर्व भी कई बार आखिर क्यों किसलिए ? अब और तब आ जाना पड़ जाता है सड़क पर कहलाता अन्नदाता आधार निवाले का पर, किन्तु ,परन्तु ,लेकिन-वेकिन सब इसके हितैषी बड़े-बड़े बोल बोलने वाले तथाकथित अपना […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।