
बदला लेकर खुश होना
है क्षणिक अभिमान
प्रतिशोध त्याग कर
क्षमा करना
बढाता सदा ही मान
बदला लेने के बजाए
बदलो तुम इंसान को
क्षमा करके गलती पर
बनकर दिखाओ महान
महान बन जाने का भी
मत पालो अहंकार
निरहंकारी हो जाओ
पाकर परोपकारी ज्ञान
नही रहेगा फिर द्वेष मन में
निर्लेप भाव खुद में जान।
#श्रीगोपाल नारसन

