समय घबराने का नहीं बल्कि धैर्य रख कर मुस्कुराने का है,,घबराकर हम किसी भी परिस्थिति में किसी भी समय किसी भी समस्या का हल नहीं निकाल सकते है, जबकि धैर्य रखकर में हम हर परेशानी से निकल कर मुस्कुरा सकते है , घबराहट में या घबराने से हमारे मानसिक पटल […]

भारतीय दर्शन के उद्धारक जिनका मूल मंत्र था उठो जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो।आधुनिक वेदांत ,राजयोग को देश व दुनिया को समझाने वाले जिन्होंने विश्व धर्म महासभा में सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया। वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु स्वामी विवेकानंद जी […]

कवि,साहित्यकार हिंदुओं का पवित्र त्योहार करवा चौथ सम्पूर्ण देश मे कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। ग्रामीण स्त्रियों से लेकर आधुनिक महिलाओं तक सभी महिलाएं करवा चौथ का व्रत अवश्य करती है। उनमें बड़ी श्र्द्धा व विश्वास उत्साह के साथ सौभाग्यवती स्त्रियां इस पर्व को […]

महात्मा गांधी ने कहा था “ह्रदय की कोई भाषा नहीं है। ह्रदय ह्रदय से बातचीत करता है। और हिंदी ह्रदय की भाषा है। “हिन्दी ही भारत की राजभाषा होगी ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय को 14 सितम्बर 1949 को लिया गया था। हिन्दी को हर क्षेत्र में प्रसारित एवम प्रचारित करने के […]

*भारत माँ के नयन दो हिन्दू मुस्लिम जान। नहीं एक के बिना हो दूजे की पहचान*     गोपाल दास नीरज हिन्दी साहित्यकार शिक्षक एवम कवि सम्मेलनों के मंचों का एक बड़ा नाम था। उन्हें शिक्षा व साहित्य के क्षेत्र में भारत सरकार ने पदम् श्री व पदम् भूषण से […]

भवानीमंडी | सामाजिक संस्था विलक्षणा एक सार्थक पहल समिति, रोहतक हरियाणा द्वारा रविवार को जिला विकास भवन में राष्ट्रीय स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें राजस्थान से  भवानीमंडी के कवि ,साहित्यकार राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” को विलक्षणा समाज सारथी सम्मान से सम्मानित किया गया।          पुरोहित […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।