दिल्ली | मूर्धन्य कहानीकार और उपन्यासकार सहित हिन्दी साहित्य के नक्षत्र खेतीखान निवासी प्रख्यात साहित्यकार हिमांशु जोशी का निधन हो गया है। 83 वर्षीय हिमांशु जोशी लंबे समय से बीमार थे। गुरुवार रात दिल्ली में उन्होंने आखिरी सांस ली। उनके निधन से इलाके में शोक की लहर है। आदरणीय हिमांशु […]

बिस्तर पर नींद नहीं आती अर्थी बनवाया दो यारो फूलों से काम नहीं चलेगा अंगारों पर सुला दो यारो आशियाने की दीवार पर अपनी तस्वीर छोड़ कर मैं सोना चाहता हू कफ़न ओढ़ कर यार दो स्तो कफन‌ बने मेरा तिंरगा प्यरा यही है आरज़ू अपनी सरहदें लहू मांगती है […]

सूरज तपा रोम रोम पसीना गरम हवा धूप तपन बरसती अगन करुं जतन चिरैय्या उडी देखती सूनी प्याली हां नीर नहीं नदी पोखर प्यास बुझती नहीं रीति सूखी सी भीषण गर्मी खेत औ खलिहान किसान दुखी वर्षा फुहार धरती झूम उठी बुझाए प्यास कैरी का पना तरावट दे रहा आम […]

बे-बजह की ये फब्तियां अच्छी नहीं लगतीं, दर्द भरी ये सिसकियाँ अच्छी नहीं लगतीं। जरूरत पर ही याद करते हैं जो खुदा को, लोगों की ये खुदगर्जियाँ अच्छी नहीं लगतीं। जाति-धर्म के नाम जो जला देते हैं मकां, उजड़ी हुई ये बस्तियां अच्छी नहीं लगती। नसीब कैसे होगी सुंदर बहू […]

नए लोग होंगे नई बात होगी, ढूँढेंगी निगाहें क्या बात होंगी। हम करेंगे इंतज़ार उस घड़ी का, तुमसे हमारी मुलाकात होगी। तुम आओ न आओ मर्जी तुम्हारी, तुम्हारा इंतज़ार सौगात होगी। हमें है तुमसे मुहब्बत ये जान लो, न ख़ुशी से मिलोगे खैरात होगी। खबर हमें भी हैं तुम्हारे दिल […]

जब भी हम किसी काम में असफल होते हैं तो हमेशा से ही,अपने बड़ों से सुनते आए हैं कि,-`हिम्मत रखो,फिर से कोशिश करो,सफलता जरूर मिलेगी`,लेकिन आज के बच्चे बेचारे,उतने सफल नहीं हो पाते जितनी वो मेहनत करते हैं। सबसे बड़ा कारण आरक्षण नीति है। कोई विवाद न हो, इसलिए यह […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।