प्रिय सखी तुम ना घबराओ; संघर्षों, तूफ़ानों से। साक्षर, कर्मठ, स्वाभिमानी तुम; सामना करो तूफानों से।। दुख भी आते, सुख भी आते; जीवन इसी का नाम है। ना घबरा इन दुखों से; जीवन में आते, उतार-चढ़ाव हैं।। सोना भी तो आग में तपकर; अपनी कीमत बढ़ाता है। संघर्षों से लड़कर […]

मानवता के दीप जलाएं, आओ हम सब मिलकर अब l मानवता के दीप जलाएं, रोशन करें हम जग को अब l आओ हम दीवाली मनाएं, मन का अहंकार मिटाएं l खुशियां हम मिलकर फैलाएं, आओ हम सब मिलकर अब l मानवता के दीप जलाएं…ll  दीप जले चाहे माटी के, या […]

जग में जिससे आशाओं की, किरणें होती हैं जगमग है जगजननी धरा में वह, सर्वत्र पूजते उसके पग। शिक्षा के दीपक से ही, उजियारा जीवन कर दो बेटा-बेटी भेद न करना, सपनों के संसार में मुझको पंख लगाकर उड़ने दो, पवित्र रिश्तों के बंधन को, संजोए हूँ मैं पग-पग। जग […]

पलभर की खुशियों से यहां क्यों मुस्कराना, पग-पग की कठिनाई को देख क्यों घबराना। बदलते रहते क्षण कहते हैं इसी को जिंदगी, चलें साहस से सदा मिले खुशियों का तराना। मंजिल दूर नहीं हौंसले ही कमजोर होते हैं, साहस से चलें,खुली राहें चहुं ओर होती हैं। देख कठिन राहों को […]

नित-नित मैं तेरा ध्यान करूँ, हे  माँ  तेरा गुणगान करूँ… ज्ञानप्रदायनी,वीणावादनी, माँ  तेरी  जयकार  करूँ l तेरे आंचल में जो आता, जीवन धन्य-धन्य हो जाता… ज्ञान प्रफुल्लित चहुँ दिशा में, दीपक बनकर सदा फैलाता… माँ कर दे राह मेरी आलोकित, नमन  मैं  बारम्बार  करूँ… ज्ञानप्रदायनि वीणावादनी, माँ तेरी जयकार करूँ….ll […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।