✍🏻 डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ हर साल की तरह कैलेण्डर ने साल बदलने की दस्तक दे दी, चाहे अंग्रेज़ी तारीख़ बदले चाहे संवत्सर पर आँकलन कुछ यह भी करना अनिवार्य होता है कि हम कहाँ कमज़ोर रह गए, कहाँ हमने ठीक काम किया क्योंकि हिसाब किसी अन्य को न सही […]

महीने भर चली प्रतियोगिताएँ और आयोजन दिल्ली। भारत में हिन्दी भाषा के विस्तार और प्रसार के लिए कार्य करने वाले मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा हिन्दी महोत्सव 2022 का आयोजन किया गया, जो पूरे सितम्बर महीने मनाया गया। हिन्दी महोत्सव 2022 के अंतर्गत देश के विभिन्न शहरों में कई कार्यक्रम आयोजित […]

लघुकथा पर गंभीर विमर्श के साथ शहर की साहित्यिक संस्थाएँ होंगी सम्मानित इन्दौर। हिन्दी को राष्ट्र भाषा बनाने के प्रथम पहल का साक्षी रहा शहर इन्दौर आज भी अपनी हिन्दी सेवा से साहित्य जगत में जाना जा रहा है। इसी तारतम्य में हिन्दी महोत्सव 2022 के तहत मातृभाषा उन्नयन संस्थान […]

‘घर घर हिन्दी’ अभियान भी होगा शुरू इन्दौर। हिन्दी भाषा के विस्तार और प्रचार के लिए कार्यरत मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा हिन्दी आंदोलन को अधिक प्रभावी एवं लाभकारी बनाने के साथ-साथ हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा कैसे बने और जनसामान्य कैसे हिन्दी से जुड़े! इसके लिए नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए […]

हिन्दी गौरव अलंकरण समारोह सम्पन्न हिन्दी में हस्ताक्षर करना गर्व का कार्य- डॉ. वैदिक हिन्दी का गौरव यज्ञ है अलंकरण इंदौर। इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित आज हिन्दी गौरव अलंकरण समारोह में वरिष्ठ पत्रकार एवं विचारक श्री कृष्णकुमार अष्ठाना एवं वरिष्ठ कथाकार व लेखिका डॉ. कृष्णा अग्निहोत्री को मातृभाषा उन्नयन […]

बन रहा हिन्दी प्रसार के लिए सूचना तंत्र, हिन्दी आन्दोलन को मिलेगा बल #राजनैतिक दलों के आई टी सेल की तरह हिन्दी के लिए काम करेगा सूचना प्रौद्योगिकी प्रकल्प इंदौर । मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए किए जा रहे आन्दोलन को गति देने व हिन्दी […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।