शहीदों की शहादत को सलाम करते हैं, जिस्मों-जान वतन के नाम करते हैं। नमन है ऐसे वीर जवानों को ,वतन की खातिर जो जान भी कुर्बान करते हैं। उनके दम से ख़ुशी हमने पाई है, तिरंगा लहराते हम वतन की शान करते हैं। याद आती है कुर्बानियां,निछावर हम भी दिलो-जान […]

तू क्या जाने तुझे कितना प्यार करूँ मैं, इक बार नहीं ,सौ बार करूँ मैं | गुस्सा तुमसे  करता हूँ अपना समझ के, इस बात का डर लगता है, दूर न हो जाओ कहीं तुम मुझसे| दूर न होना  मुझको तुम  बेगाना समझ के, जीना मुश्किल हो जाएगा बिछुड़  के तुझसे| […]

जुल्म न करो तुम बेटी पर,प्यार करो सम्मान दो.. प्यार करो गले लगा लो, इस नन्हीं-सी जान को। बेटी घर की मुस्कान है, बेटी घर की शान है.. जीने दो आजादी से, क्या इसने किया गुनाह है.. दुनिया के संग चलने दो, पाएगी अपनी पहचान को नाम करेगी रोशन, छुएगी आसमान […]

मासूम बच्चियों के साथ बलात्कार और हत्या की घटनाओं ने,अपनी 10 वर्षीया बेटी के साथ अकेली जीवन यापन कर रही उस विधवा को हिलाकर रख दिया था। वह अपनी मासूम बच्ची के भविष्य को लेकर परेशान हो उठी थी। उसने अपनी बेटी को सचेत करते हुए कहा-‘बेटी,अब से तुम स्कूल […]

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कुछ हैं मेरे सपने, कुछ सच्चे,कुछ कच्चे.. कुछ खट्टे,कुछ मीठे, कुछ सिमटे,कुछ बिखरे। कुछ अनमने,कुछ अनकहे, कुछ दिखलाते,कुछ धुंधलाते.. कुछ कराहना,कुछ मुस्कुराते, कुछ आते,कुछ जाते। समेटना चाहूँ,तो मुमकिन नहीं, सपनों ने ही बिखेरा है मुझको.. आस और आस,न रहा कोई पास, रुक-रुक के आते हैं। बवंडर-सा मचा जाते हैं, कभी […]

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शब्द ही शब्द है शब्द ही निशब्द है, शब्द ही सत्य है शब्द ही असत्य है.. शब्द ही आलाप है शब्द ही विलाप  है, शब्द ही राग है शब्द ही विराग है.. शब्द ही आत्मा है शब्द ही परमात्मा है, शब्द ही शब्द है शब्द ही निशब्द हैl शब्द ही […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।