आज जिधर देखो राजनीति और राजनेता दोनों का स्तर ऐसे गिर रहा है जैसाकि किसान की फसल आने पर बाजार का भाव।स्वाभिमान की तो बात ही छोड़ दीजिए। एक शास्त्री जी का समय था कि उन्होंने कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। परिवार की जिम्मेदारी हो या देश की […]

एक नरेन्द्र पूरब से दूसरा पश्चिम से काशी है आया एक ने हिन्दुत्व दर्शन दूसरे ने हिन्दुस्तान आगे बढ़ाया। घर से जाति-पात एक ने सब हुक्के पी- पीकर भगाया दूसरे ने सबका साथ सबका विकास  मंत्र जीवन में अपनाया। यह परिव्राजक सा देश देशान्तर घूंमे मातृभमि बढ़े आगे सर्वोच्च ऊंचाई […]

आया जब जुलाई का महीना बोला सोनू मां से मां ओ मां मुझको भी पाठशाला ले चल मैं पढूंगा मैं लिखूंगा मेहनत कर आगे बढूंगा मां मुझको पाठशाला ले चल सबका बढ़ना मेरा बढ़ना सबकी प्रगति मेरी भी प्रगति मां मुझको पाठशाला ले चल सब हैं जाते मैं ही न […]

                भारतीय उपमहाद्वीप में मालद्वीप का अपना स्थान है।हिन्द महासागर के किनारे पर बसा यह लघु देश अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण सभी के लिए हर तरह से महत्वपूर्ण है।भारत का निकटतम पड़ोसी है।भारत के दक्षिण भारतीय राजा रहे हों या समा्रट अशोक के समय बौद्व धर्म का प्रचार प्रसार […]

दशकों से आतंक को झेल रहे कश्मीर ने बुधवार को फिर 05 सीआरएफ जवानों को निगल लिया।यह आतंकी हमला अनंतनाग जिले में हुआ।चार अन्य सुरक्षाकर्मी घायल हुए।एक आतंकवादी भी मुठभेड़ में मारा गया।माना जा रहा है कि कम से कम दो आतंकियों ने अनंतनाग के व्यस्त केपी रोड पर सीआरएफ […]

अभी 05 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया गया।यह साल वायु प्रदूषण के विषय पर है इससे पहले 2018 में हमने इसी दिवस को प्लास्टिक प्रदूषण को हराना है विषय पर मनाया था वायु सबसे बड़ा माध्यम है प्रदूषण को इधर उधर पहुंचाने का।इसीलिए कई बार इसे […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।