उदास रात के साये बड़े घने है / तेरी चाहत के उजाले बहुत जरूरी है / चाँद लम्हो की मुलाकाते महकती मुझमे / जिसके आगोश में सांसो का सिलसिला कायम है / महकी महकी सी फिजाओ में तेरी खुशबू है / दूरियां जैसे सीमटसी हो इन हवाओ में / कितने […]
तू अंश नहीं मेरा फिर भी मेरा वजूद है सबब है ज़ीने का मेरे तू मेरा अच्छा नसीब है जुस्तजू थी मेरी जब तक तुझे न पाया था तेरे आने पर हर दिन दीवाली सा मनाया था तू नहीं था जब जीवन में मेरे तब मन में एक अहसास आया […]
लौट के आ , लौट के आ , लौट के आ/ आ लौट के आज गुरुवर, तुम्हे बीना नगरी बुलाती है / जैसे की तैसी पढ़ी जब से , यहाँ से गए हो आप तब से / आ लौट के आज गुरुवर, तुम्हे बीना नगरी बुलाती है // वर्षे नयन […]
किसी का क्या जो कदमो पर जबी ए बंदगी रख दी हमारी चीज थी हमने जहाँ जानी वहां रख दी / जो दिल माँगा तो वो बोले ठहरो याद करने दो / जरा सी चीज थी हमने न जाने कहाँ रख दी /1/ तुम्हे अब भूल जाये तो अच्छा है […]
फुर्सत नहीं है इंसान को इंसान से मिलने की ! ख्वाहिशे रखता है दूर बैठे भगवान से मिलने की ..! घर में जो भगवान है उन्हें पूजता नहीं ! और ढूंढ़ता फिरता है मंदिर मस्ज़िद और गुरुद्वारों में /1 मन की आंखो से प्रभु का दीदार करो ! दो पल […]
रावण कहता है एक बात मेरी सुन लो / क्यों वर्षो से मुझे यू जलाये जा रहे हो / फिर भी तुम मुझे जला नहीं प् रहे हो / हर वर्ष जलाते जलाते थक जाओगे / और एक दिन खुद ही जल जाओगे /१/ मैंने सीता को हरा, हरि के […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।
वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।