हीरोशिमा नगरी में एक दिन, हुआ तेज धमाका था। सुन आवाज धमाके की, कलेजा मानव का कांपा था। देख तबाही का मंजर, मानवता घबराई थी। ना जाने किस करनी की, निर्दोषों ने सजा पाई थी। चिथड़े चिथड़े हुए नर नारी, बच्चों की लाशों की ढेरी थी। घर बंगले सब खाक […]

हे धरती के भगवान सुनो, करना हम पर उपकार सुनो। चाहे विपदा कितनी भारी हो, चाहे कितनी बड़ी बीमारी हो। तुम कभी ना हिम्मत हारे हो, तुम तारनहार हमारे हो। धरती के …………… चाहे दुर्घटना हो जाए कभी, हड्डी पसली टूट जाए कभी। एक्सरे, प्लास्टर करवाते हो, हम सबकी जान […]

तू निराश क्यों खड़ा है? किस दुविधा में पड़ा है? कर खुद पे तू भरोसा। प्रभु सँग तेरे खड़ा है। यूँ ही नहीं है मिलती, जग में कोई सफलता। तन मन और लगन से, है कर्म करना पड़ता। तू निराश…….. बेचारा नहीं तू बन्दे, ईश्वर की तू है रचना। एक […]

बाबू जी वापस आ जाओ, एक बार गले से लगा जाओ। तेरे जाने से बाबुल मेरे, तेरी बगिया देखो उजड़ गई। माई रो रो बेहाल हुई, जरा धीरज उसको बंधा जाओ। बाबू जी…….. हम तेरी राह निहारते हैं, आहट सुन द्वार पे भागते हैं। सुनो विनती हमारी बाबू जी, एक […]

इंसान को इंसानियत सिखलाए मन में मानवता जगाए ये हमारे संस्कार ओ मेरे यार……. जब कोई दुर्घटना हो जाए किसी को चोट लग जाए रखना उनका ख्याल ओ मेरे यार…… जब कोई मुश्किल में फस जाए कोई रोए और घबराए पूछ लेना उनके दिल का हाल ओ मेरे यार……. जब […]

मृत्यु का अर्थ स्वर्ग नही फिर क्यों स्वर्गीय कहते हो पाप किये जिसने बहुत उसे नर्क में नही बताते हो स्वर्ग जाएगा या नर्क में कर्म निर्धारण करते है परमात्मा तटस्थ है भाई भेदभाव नही वह करते है अगर चाहिए स्वर्गलोक सद्कर्म पथ पर चले चलो हर लोक संवर जाएगा […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।