मूंछ

0 0
Read Time1 Minute, 36 Second
madhusudan
देख ले मूंछ मेरी कडी।
पूँछ मेरी है इतनी बड़ी।00
काम तेरा कभी जो पड़े।
कर दूं  हल मैं खड़े ही खड़े।
याद करना मुझे उस घड़ी।
पूँछ मेरी है इतनी बड़ी।। 01।
कोई दादा हो कितना बड़ा।
सामने  यार के कब  खड़ा।
मार दूँ उसको भारी तड़ी।
मूंछ मेरी है सबसे बड़ी।।02।
तोड़ भी डाले पापड़ कही।
खा लिए मैंने  झांपड़ कही।
वीरता की है लंबी लड़ी।
मूंछ मेरी है  सबसे बड़ी।।03।
कोई टिकता कहाँ सामने।
लोगो को जो लगू डांटने।
गर  घुमादू जो अपनी छड़ी।
मूंछ मेरी है सबसे बड़ी।।04।
बीबी से भी मैं डरता नही।
पानी घर पर मैं भरता नही।
चाहे बेलन की लागे झड़ी।
मूंछ मेरी है सबसे बड़ी।।05।
डाँट बीबी ने जब यूँ दिया।
रौब ठंडा तो पल में किया।
मूंछ मेरी है कट कर पड़ी।
डाँट बीबी की मुझसे बड़ी।।06।
मर्द के दर्द को जान लो।
होता बस गर्द ये मान  लो।
भारी लालू से है राबड़ी।
मूंछ किसकी है सबसे बड़ी।।07।
नाम~ मधुसूदन गौतम
पिता~श्री नन्दबिहारी शास्त्री
माता~ श्रीमती सन्तोष
शिक्षा~अधिस्नातक
व्यवसाय~ व्याख्याता
राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय  अटरू राजस्थान
साहित्यिक~ शौक के तौर पर कलम घिसाई
विधा का नाम—कलम घिसाई

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

शब्द साधना

Mon Jun 11 , 2018
शब्द साधना करने से मिलता परमात्म ज्ञान सरस्वती पुत्र वही है कलम हो जिसकी महान अमरत्व मिलता सृजन से चाहे कबीर,मुंशी या हो रसखान चले गए ,पर जिंदा है वे कहते है कबीर बोलती दुनिया तभी तो बनती लेखनी महान पुस्तको में जीता है लेखक कभी नही मरता है लेखक […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।