अंतहीन मुहब्बत 

mradul
छुपा कर तुम भी,
मेरे दिल को रखती हो,
अपने दिल के पास,
मालुम है, दुनिया के झमेले में
कहीं खो न जाये |
छुपा कर हम भी तेरी
तसवीर अपनी पनाहों में रखतें हैं |
तुम्हे पता है की तुम से बिछड़ के
कहां रह पातें हैं हम |
छुपा कर मुहब्बतें जमाने से
हम युं करते है एक दुसरे को
की खबर न होती है
और गुल का महकना
सरे आम हो जाता है |
छुपा कर हम तुम्से और तुम हमसे
कुछ बातें करते है
उन अकेले लमहों में
की पता ही न चला आज तक
ये मुहब्बत कहां तक अंतहीन सी हो गयी..|
                             #म्रुदुल जोशी

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दर्शन से मिले चैन

Wed May 16 , 2018
दर्शन से तेरे मिलता है चैन, बिन दर्शन के राहु बेचैन चंद्रा प्रभु भगवन की, महिमा ऐसी जो है गा रहा संजय है, ऐसी महिमा को दर्शन से तेरे मिलता है चैन, बिन दर्शन के राहु बेचैन ऊँचे ऊँचे पर्वत, पर तेरा बसेरा है चढ़ न पाऊं में, जब तक तेरा सहारा न हो कैसे करूँ, तेरा दर्शन मार्ग दिखाओ मुझे , मेरे चंद्रा प्रभु दर्शन से तेरे मिलता है चैन, बिन दर्शन के राहु बेचैन चंद्रा प्रभु भगवन की महिमा ऐसी जो है पाप किये है ज्यादा, पुण्य का करता रहा दिखावा अंतर मन में जहर है , फिर कैसे करूँ तेरा दर्शन सत्संग सुना, जीवन को समझा अब में पास्ता रहूं, ये सब कुछ करके दर्शन से तेरे मिलता है चैन, बिन दर्शन के राहु बेचैन चंद्रा प्रभु भगवन की, महिमा ऐसी जो है गा रहा संजय है, ऐसी महिमा को            #संजय जैन परिचय : संजय जैन वर्तमान में मुम्बई में कार्यरत हैं पर रहने वाले बीना (मध्यप्रदेश) के ही हैं। करीब 24 वर्ष से बम्बई में पब्लिक लिमिटेड कंपनी […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।