कविता- माँ! तुम रखना ममता का हाथ..

हे शैलपुत्री! हे ब्रह्मचारिणी!
माँ चंद्रघण्टे ! माँ कुष्मांडा!
हे स्कन्दमाता! हे माँ कात्यायनी!
हे कालरात्रि माँ! माँ महागौरी!
माँ सिद्धिदात्री! माँ, तुम हो दुर्गे।

तुम तपस्विनी, तुम विष्णुमाया,
तुम भव्या, तुम बहुल प्रिया।
चंडमुंड, खड़ग, खप्पर धारिणी,
अष्ट भुज कल्याणकारिणी।

तुम भवप्रिता, तुम भवमोचिनी,
तुम बगलामुखी, तुम दक्ष कन्या।
तुम चामुंडा, तुम लक्ष्मी हो,
हो तुम मात हमारी वैष्णवी।

तुम सावित्री, तुम बलप्रदा,
तुम महिषासुरमर्दनी, तुम ज्वाला।
तुम नारायणी, तुम भद्रकाली,
तुम ही तो हो माँ परमेश्वरी।

चौसठ जोगिनी साथ तुम्हारे,
तुम करती भक्तन रखवाली।
भैरव करते नृत्य भुवन में,
जहाँ बिराजे शिव त्रिपुरारी।

हे कृपासिन्धु! माँ भगवती दुर्गे,
सुनो हमारे अनुनय–विनय को।
जीवन चरणों में करते अर्पण,
स्वीकार करो तुम हम भक्तन को।

करना हम पर कृपा हे माँ!
रहना सदा हमारे साथ,
हम अबोध जग जाने न कोई,
बच्चों पर रखना ममता का हाथ।

माँ! तुम रखना ममता का हाथ..

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’
राष्ट्रीय अध्यक्ष, मातृभाषा उन्नयन संस्थान, भारत

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मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।