बहुत दिन हुये तुमसे बातें हुयी
फिर से वो ही बरसात बरसा दे।
तड़पता रहा बूंद की प्यास लेकर
मुलाक़ात तेरी मुझे तड़पा दे।
सौंधी सी बिखरी सांसो की खुशबू
निगाह जो तेरी धड़कन बढ़ा दे।
बहुत दिन हुये तुमसे बातें हुयी
फिर से वो ही बरसात बरसा दे।
#श्रवण राज ‘लयरिसिस्ट राज’
परिचय :
नाम-श्रवण राज
उपनाम-लयरिसिस्ट राज
वर्तमान-शाहजहांपुर
राज्य-उत्तर-प्रदेश
शहर-शाहजहांपुर
शिक्षा-ग्रेजुएशन
कार्यक्षेत्र-गीतकार
विधा- कम्पोजिंग
प्रकाशन-कुछ प्रिंट मीडिया (2010-2011)
सम्मान- कोई नही।
ब्लॉग-कोई नही।
अन्य उपलब्धियां-फ़िल्म प्रोडक्शन वर्किंग मुंबई और निरंतर अपडेट सांग फेसबुक सोशल नेटवर्क।
लेखन का उद्देश्य- स्वतंत्र रहना।