दुआ़

Read Time0Seconds
trupti
है दुआ़,पैर में आया कांटा भी फूल बन जाए।
छुओ जो कली तो गुलशन बन जाए॥
रास्ते का पत्थर भी पारस बन जाए,
मौसम की लहर भी बहार बन जाए॥
जिस नजऱ देखो नजराना बन जाए।
दे कोई गर साथ तो हमसर बन जाए॥
मिले कोई राहगीर तो फ़रिश्ता बन जाए।
लड़खड़ाए अगर कदम तो ईश्वर सहारा बन जाए॥
है कभी अंधेरा तो रोशन जहां हो जाए।
रहे न कभी किसी से दूरियां तो नजदीकिया बन जाए॥
न हो कोई दर्द,दुख हर जहां खुशनुमा बन जाए।
है कोई निराशा तो निराशा भी ऐश बन जाए॥

              #तृप्ति तोमर

परिचय : भोपाल निवासी तृप्ति तोमर पेशेवर लेखिका नहीं है,पर छात्रा के रुप में जीवन के रिश्तों कॊ अच्छा समझती हैं।यही भावना इनकी रचनाओं में समझी जा सकती है। मध्य प्रदेश के भोपाल से ताल्लुक रखने वाली तृप्ति की लेखन उम्र तो छोटी ही है,पर लिखने के शौक ने बस इन्हें जमा दिया है।

0 0

Arpan Jain

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

जागृति संदेश

Tue Feb 20 , 2018
जागृति का संदेश सुना दें, एकता का स्वर जगा दें।            बहती अमिय की धार में, जीवन के सरस सार में। प्रीति कलश को पूरा भर, अमिय आज थोड़ा छलका दें।   जीवन हुआ सिद्धांतहीन, भावहीन और लक्ष्यहीन। डगमगाते इन डगों को, थोड़ी सीधी राह बता […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।