जिन्दगी चार पल की है,
दो पल हँस, दो पल हँसाकर जी लो।
इन पलों में क्या गम-क्या नाराजगी,
हँस-खेलकर जिंदगी गुजार लो।
जिन्दगी क्षण भर की है,
ताश का महल है।
ईश्वर की एक फुंकार से
बिखर जाना है इसे,
बैर भी न रख जिंदगी से,
जिन्दगी जी, जी भर के।
डर क्या मौत से,मौत को एक दिन आना है,
मौत से डरना भूल, जिन्दगी जीना सीख जाना है।
खुशियों से भरी इस जिंदगी को खुशी से जिएं,
क्योंकि,जिन्दगी सिर्फ चार दिन की है॥
#टीना जैन
परिचय: टीना जैन पुश्तैनी परम्पराओं के लिए प्रसिद्ध राज्य राजस्थान से है। १९८० में आपका जन्म हुआ और शिक्षा स्नातक सहित एम.ए., बी.एड. तथा एम.एड. भी है। बतौर गृहिणी आप शहर उदयपुर के खेरवाड़ा (तहसील रोड) में रहती हैं। आपकी रुचि कविता लेखन में है।