जाग रे मनुवा

Manilal
जाग रे मनुवा जाग रे, खोल दे नैनन पट को।
अंतर्मन में बसे प्रति क्षण, काहे ढूंडे घट-घट को॥
मान रे मनुवा जान रे, छोड़ तू धर्म झंझट को।
इंसानियत जगा ले तू ,कुछ न जाए मरघट को॥
चल बढ़ा कदम अपना,प्रकाश की तलाश कर।
स्वविवेक से दीप जला,अज्ञानता का नाश कर॥
बहरूपिया करे धंधा,नीलाम करता ईमान को।
गुरु उसे बनाकर तू,साझा करता बदनाम को॥
अस्मिता खुद की भुला, भूला अपना अस्तित्व।
जब से धर्मान्धाता में पड़ा,भूला तुमने दायित्व॥
ले सबक,न बहक, अच्छा हो एकांतवास कर।
परोपकार का भाव बसाए, नाम हर श्वांस कर॥
क्या सही,क्या गलत ?नहीं तुझे कुछ भी भान।
तेरे जैसे अंधभक्तों को,समझ न आए विज्ञान॥
होता तेरा तभी तो शोषण, जान तुझे अनजान।
इस भेड़चाल से कब मुक्त हो,मेरा भारत महान॥
गर गिर गया है खाई में, चल निकल प्रयास कर।
बन चालक अपना,जीवन को न वनवास कर॥
                                                    #मनीलाल पटेल(मनीभाई)
परिचय:मनीलाल पटेल(मनीभाई) का निवास छत्तीसगढ़ के जिला-महासमुंद स्थित ग्राम-भौंरादादर,पोस्ट-लंबर तहसील-बसना में है। आप अधिकांशत कविताएँ लिखते हैं।

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काजल

Fri Sep 8 , 2017
तुम्हारी आँख का काजल, हजारों कत्ल करता है। किसी का दिल मचलता है, कोई बेमौत मरता है। तुम्हारे नयन कजरारे, मधुप से चूसते रस को, सभी का दिल तुम्हारे सामने, पानी-सा  भरता है।।                                    […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।