भय मुक्त समाज

harish varma
देशवासियों जागो जागो,
सबको अब जग जाना है।
मायूसी और अंधकार को,
मिलकर दूर भगाना है॥

ढोंगी बाबाओं से दूर रहो,
चक्कर में फिर न,आना न।
मृत्यु भय से डर जाना न,
मकड़जाल में फंस जाना न॥

ये भक्तों ,श्रद्धालु को लूट,
विश्वासघात कर जाते हैं।
योगी से बन कर भोगी…,
वीभत्स रुप दिखलाते हैं॥

ये स्वयं, स्वयं भू भगवान,
बनकर प्रकट हो जाते हैं।
असलहा, गुण्डों के बल पर,
स्वयं सरकार बन जाते हैं॥

भयमुक्त समाज बनाना है,
जो दबंग है और माफिया।
मिलकर सबक सिखाना है,
भयमुक्त समाज बनाना है॥

  #हरीश कुमार वर्मा 

परिचय: हरीश कुमार वर्मा का जन्म स्थान-इलाहाबाद तथा जन्मतिथि-६ जनवरी १९५७ है। आप उत्तर प्रदेश राज्य के शहर-इलाहाबाद में ही निवासरत हैं। एमए की शिक्षा हासिल करने के बाद आपका कार्यक्षेत्र-रेलवे रहा,जहां से आप वर्तमान में सेवामुक्त हैं। सामाजिक क्षेत्र में आप रेल कल्याण संगठन सहित मित्र संघ आदि संस्थाओं से जुड़कर कार्यरत हैं। आपके लेखन का उद्देश्य-सामाजिक जागरुकता लाना है,इसलिए कविता लिखते हैं।

matruadmin

Next Post

भारत माँ चालीसा

Thu Aug 31 , 2017
जय जय जय हे भारत माता। तुम त्रिभुवन की भाग्य विधाता॥ वेद,पुराण,तुमहि नित ध्यावै। धरती,अम्बर ध्यान लगावै॥ शस्य श्यामलां धरा तुम्हारी। इस जहान में सबसे प्यारी॥ छः ऋतुएं भारत में आए। शरद शिशिर हेमंत सुहाए॥ ग्रीष्म,वसंत व वर्षा राजे। चहुँदिसि भारत महिमा साजे॥ निशदिन सागर पाँव पखारे। भागीरथी सृष्टि को […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।