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तुम चले गए
Mon Aug 21 , 2017
मेरे अहसास वो खूबसूरत से सपने, सब कुछ संग अपने बटोर ले गए…l हर आहट मुझे तेरी ही लगती थी, अब इस चहल-पहल को भी सूना कर गए…l हम इंसान थे हरे-भरे चलते-फिरते पेड़ से, तुम हमें पतझड़ का कोई पेड़ कर गए…l हँसते थे बहुत ही मुस्कराते थे हर […]

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