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लो कन्हैया आ गया
Mon Aug 14 , 2017
बांसुरी के सुर में बंधकर गीत लिखना आ गया, देखकर सूरत तुम्हारी यूं लगा वो आ गया। थी बही यमुना जहां पर वो किनारा पा गया, आस बांधी थी जहां पर लो कन्हैया आ गया। सांवली सूरत जो देखी मन में आ गया खुमार, यूं लगा सावन-सा जैसे फिर से […]

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