नेता संसद में पड़े,सदा उड़ाते मौज।
सीमा पर यारों सुनो,सैनिक मरते रोज॥
भारत माँ के लाड़ले,सच्चे सैनिक वीर।
दुश्मन का देते सदा,यार कलेजा चीर॥
फ़ौजी रक्षक देश के,इनसे अपनी शान।
निर्भय होकर जंग में,देते अपनी जान॥
सैनिक भारत देश के,सच में बड़े महान।
अपने दिल से कीजिए,सब इनका सम्मान॥
जिनकी रक्षा के लिए,हाथ लिए हथियार।
वे ही क़ाफ़िर कर रहे,अब सेना पर वार॥
कैसी ये सरकार है,कैसा ग़ज़ब विधान।
एक तरफ सैनिक मरें,दूजी तरफ किसान॥
सैनिक नित होते रहे,सरहद पर कुर्बान।
राजनीति करती नहीं,उन वीरों का ध्यान॥
कभी यहाँ सेना मरे,मरते कभी किसान।
सरकारें लेंगी भला,कब हलधर का ध्यान॥
सीमा पर नित खेलते,वीर मौत का खेल।
मोदी की सरकार है,हर वादे में फेल॥
भारत माँ के लाड़ले,ले हाथों हथियार।
‘शिवम्’ सदा हँस देश पर,करते जान निसार॥
#शिवम् कुमार ‘आजाद’
परिचय: शिवम् कुमार ‘आजाद’ ओजवादी कवि के रुप में चर्चित हैं। मात्र १७ बरस के शिवम् एक त्रैमासिक पत्रिका के सह-सम्पादक होकर कक्षा १० वीं में अध्यनरत हैं। नगर सिकंदराराऊ (जिला-हाथरस) में रहते हैं। लेखन विधा में प्रमुख रूप से गीत,ग़ज़ल,दोहे,छन्द,कुण्डलियां आदि है। अनेक काव्य मंचों से काव्यपाठ कर चुके हैं। इसके लिए कई स्थानों पर अभिनंदन प्राप्त किया है।