कवि प्रदीप नवीन ने अपनी कृतियों का विक्रय कर राशि की मंदबुद्धि विकलांग बच्चों को भेंट

इन्दौर। कवियों का मन जितना कोमल होता है, उसी तरह उनका जीवन भी होता है। वे समाज के लिए अपना अर्पण करते हैं। ऐसा एक कार्य इन्दौर के सुप्रसिद्ध कवि और श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति के प्रबंधकारिणी सदस्य प्रदीप नवीन ने किया।

हाल ही में उनकी सद्य प्रकाशित दो कृतियों ‘टांग उसने क्यों अड़ाई’ एवं ‘स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगनाएँ’ का लोकार्पण कार्यक्रम संपन्न हुआ। लोकार्पण पश्चात दोनों कृतियों को पाठकों ने ख़रीदा, इससे 6500 रुपए की राशि प्राप्त हुई और इसी राशि में कवि प्रदीप नवीन ने अपनी ओर से इतनी ही धनराशि मिलाकर 13000 रुपए एवं दोनों कृतियाँ मंदबुद्धि विकलांग स्कूल की संचालिका परिहार मैडम को भेंट कर दीं। यह राशि उन बच्चों के लिए काम आएगी, यही भाव कवि को महत्त्वपूर्ण बनाता है।

इस अवसर पर शरद शर्मा, सदाशिव कौतुक, नरेन्द्र शर्मा, अर्चना अंजुम, निवेदिता पंड्या एवं प्राची बडेरिया मौजूद रहे।

matruadmin

Next Post

कविता- स्वामी विवेकानंद

Fri Jan 12 , 2024
हमारी मातृभूमि पर अनेक ज्ञानी संत हुए महान, वेद प्रवर्तक विवेकानंद जी की अद्वितीय पहचान। बाल्यावस्था से प्रभुदर्शन की पाली उर में आस, गुरु माने श्रीरामकृष्ण परमहंस को धारे विश्वास। गुरु की दी शिक्षा से ओजस्वी गुणों से युक्त हुए, विश्व कल्याण के लिए गुरु माँ से आशीर्वाद लिए। ठाना, […]

पसंदीदा साहित्य

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।