मोबाइल से शैक्षणिक नवाचार

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शा उत्कृष्ट उ मा वि आगर मालवा (म प्र) के राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षक डाॅ दशरथ मसानिया ने छात्रों तथा शिक्षकों के लिये हिन्दी नवाचार शैक्षणिक सामग्री दोहों तथा चौपाइयों मे संकलन कर गेय बनाया है। जो कक्षा 9 से 12 तक छात्रों के लिए बहुत उपयोगी है । इसमें हिन्दी का इतिहास (15 भाग),गद्य के दोहे (10 भाग) व्याकरण (12 भाग) , काव्यशास्त्र रस,छंद,अलंकार (10 भाग) विलोम शब्द चालीसा,पर्यायवाची शब्द चालीसा,मुहावरे एवं कहावत चालीसा,हिन्दी चालीसा के साथ ही और भी रोचक जानकारियाँ है। जिसे चित्र,तालिका,सूत्र आदि से समझाया गया है । इन्हें पीडीएफ,वाटसप,मेल या सोशल मीडिया से निशुल्क प्राप्त किया जा सकता है ।  हिन्दी पखवाडे पर हार्दिक शुभकामनाएँ 
       सम्पर्क-  डाॅ दशरथ मसानिया 

शा उत्कृष्ट उ मा वि आगर मालवा  9424001406 /9109255441

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।