डॉ. अर्पण जैन व मुकेश तिवारी उत्तर प्रदेश में हुए सम्मानित

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अंतरराष्ट्रीय साहित्यकार सम्मान समारोह बिसौली में आयोजित

अमेरिका, ताइवान, जर्मनी, नेपाल के साहित्यकारों सहित देश के 15 प्रान्तों के साहित्यकार हुए सम्मानित

इन्दौर। हिन्दी के देशव्यापी प्रचार और प्रसार के लिए मातृभाषा उन्नयन संस्थान लगातार कार्यरत है। इस कड़ी में बिसौली, उत्तर प्रदेश में आयोजित आठवें अन्तरराष्ट्रीय साहित्यकार सम्मान समारोह में इन्दौर निवासी मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ’अविचल’ व वरिष्ठ पत्रकार मुकेश तिवारी को के बी हिन्दी सेवा न्यास व डॉ. मिथिलेश दीक्षित सेवा संस्कृति न्यास द्वारा क्रमश सेवा रत्न सम्मान व माधवी सम्मान से सम्मानित किया गया।
बिसौली में आर के इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित सम्मान समारोह में न्यूयार्क, अमेरिका के डॉ. इंद्रजीत शर्मा मुख्य अतिथि रहे व अध्यक्षता साहित्य भूषण डॉ. मिथिलेश दीक्षित ने की तथा उत्तराखंड से ज्वाला प्रसाद शांडिल्य, इन्दौर से मुकेश तिवारी व मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ’अविचल’ व साहित्यकार डॉ. ओम प्रकाश द्विवेदी, प्रेम भारद्वाज ‘ज्ञानभिक्षु’ विशेष अतिथि रहे।

ज्ञात हो कि देशभर में हिन्दी भाषा के विस्तार के लिए संस्थान लगातार कार्यरत है और इस समय उत्तर प्रदेश में संस्थान की इकाइयों का भी विस्तार हो रहा है। इस दिशा में सैंकड़ो हिन्दी योद्धाओं द्वारा लगातार हिन्दी के प्रचार के लिए आयोजन इत्यादि किए जा रहे हैं।
साहित्यकार समारोह में माधवी फ़ाउण्डेशन द्वारा साहित्य अकादमी मध्य प्रदेश के निदेशक डॉ. विकास दवे, मुकेश तिवारी (इंदौर), डॉ.अर्पण जैन ‘अविचल ‘(इंदौर), डॉ. सत्या सिंह (लखनऊ), डॉ. शिवी राठौर (जर्मनी), डॉ. इंद्रजीत शर्मा (न्यूयॉर्क), डॉ. ज्योतिष सिंह (ताइवान), डॉ. निहाल चंद्र शिवहरे (झाँसी), विवेक यादव (फ़िरोज़ाबाद) को सम्मानित किया गया।


डॉ. मिथिलेश दीक्षित साहित्य-संस्कृति सेवा न्यास के द्वारा डॉ. अर्पण जैन ’अविचल’ तथा विवेक यादव को सेवा रत्न सम्मान प्रदान किया गया। समारोह में देश के करीब तीन देशों से व भारत के 10 राज्यों से साहित्यकार बिसौली में जुटे रहे।

सम्मेलन का शुभारम्भ मंचासीन अतिथियों संग दोनों न्यास के अध्यक्ष डॉ. सतीश चंद्र शर्मा ‘सुधांशु’ द्वारा माँ वाणी के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। समारोह में डॉ. मिथिलेश दीक्षित साहित्य संस्कृति सेवा न्यास द्वारा ‘साहित्य गौरव सम्मान’ व ‘कला शिरोमणि सम्मान’ डॉ. विकास दवे (म.प्र.) को ₹5000/- सहित व श्री संदीप राशिनकर (म.प्र.) को ₹5000/- धनराशि सहित व 8 सम्मान ₹1100/- की धनराशि सहित प्रदान किये गए। म.प्र. के साहित्यकार मुकेश तिवारी, म.प्र. के डॉ.अर्पण जैन ‘अविचल’, पर्यावरणविद् विवेक यादव को ’सेवा रत्न’ सम्मान ₹1100/- धनराशि सहित एवं ‘माधवी मनीषी’ प्रदान किया गया।
के.बी. सेवा न्यास द्वारा ₹5000/- धनराशि सहित 3 सम्मान, ₹3000/- सहित एक सम्मान, ₹2100/- सहित 9 सम्मान, ₹1100/- सहित 26 सम्मान एवं ₹500/- सहित नवोदितों को 4 सम्मान, कुल 43 सम्मान प्रदान किये गए।
डॉ. ओंकार नाथ द्विवेदी को ₹5000/- सहित ‘साहित्य सिंधु’ सम्मान, डॉ. मिथिलेश दीक्षित को ₹5000/- सहित ‘साहित्य वारिधि’ सम्मान, ₹2100/- सहित ‘हिंदी विभूषण श्री’ सम्मान डॉ. रूपा पारीक (राजस्थान) डॉ.रमाकांत आपरे (महाराष्ट्र ) एवं डॉ. पूनम बंसल (मुरादाबाद) को ₹1100/- सहित ’हिन्दी भूषण श्री’ सम्मान डॉ.राकेश कुमार आर्य (नोएडा), प्रो. अरविंद नाथ तिवारी (बिहार), डॉ. संगीता परमानंद (छत्तीसगढ़), डॉ. जहीरुद्दीन पठान (महाराष्ट्र), डॉ. रामकृष्ण (बिहार), अवजीत ‘अवि'( बिसौली), विजय कुमार सक्सेना (बिसौली) को प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त धनराशि रहित सम्मान इंद्रजीत शर्मा (अमेरिका), प्रेम भारद्वाज (अमेरिका), डॉ. शिवि राठौर (जर्मनी), ज्योतिष सिंह (ताइवान), डॉ. उमा शंकर पारीक(राज.), किशोर परमानंद (छ.ग.), डॉ. रेशमा अंसारी (छ.ग.), सुनील सौरभ (बिहार), डॉ. विनोद श्रीराम जाधव (महाराष्ट्र), डॉ.अभिनंदन अभि ‘रसमय’ ( उत्तराखंड), पं.ज्वालाप्रसाद शांडिल्य (उत्तराखंड) एवं उ.प्र. के डॉ. निहालचंद्र शिवहरे, डॉ. रामबहादुर ‘व्यथित’, गाफिल स्वामी, उज्ज्वल वशिष्ठ, सुरेंद्र नाज़, अतुल कुमार शर्मा, जगदीश सरन शर्मा, जैमिनी वार्ष्णेय, साक्षी शर्मा, राम कृपाल तिवारी, अमित सिंघल, अंकुर गोयल, प्रवीण अग्रवाल ‘नादान’, शिवकुमार चंदन, सुग्रीव वार्ष्णेय ‘अमन’ सहित 112 साहित्यकारों, समाजसेवी महानुभावों को शॉल, सम्मानपत्र, प्रतीक चिह्न से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर हरस्वरूप शर्मा, श्रीपाल शर्मा, एस.एन.शुक्ल, राजेन्द्र नाथ, विनय कुमार शर्मा, कृष्णा गुप्ता, कमला देवी, शीला देवी, नेहा शर्मा, कल्पना शर्मा, शिप्रा शर्मा, भक्ति शर्मा, अक्षांश, रुद्रांश, गिरीश चन्द्र शर्मा, आर के स्कूल के संस्थापक कन्हई लाल गुप्ता, निदेशक देवरत्न वार्ष्णेय, सुधांशु सक्सेना, राकेश कुमार शर्मा, सूबेदार सिंह, पत्रकार अतुल शर्मा व दानवीर सिंह सहित नगर के अनेक गणमान्य व्यक्ति व साहित्यकार उपस्थित रहे। आभार व्यक्त के.बी. हिन्दी सेवा न्यास के महासचिव आशुतोष शर्मा ने व्यक्त किया।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।