रिश्ते

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रिश्ते भी तो सारे ,
रंग बदलते हैं,
कभी प्यार कभी,
नफरत में रंगते हैं।।

अपने मतलब के सांचे में,
हरपल ये ढलते हैं।
रिश्ते भी गिरगिट सा,
रंग बदलते हैं।।

जब तक हो गरज इनकी,
फूलों से महकते हैं।
काम निकलने पर ये,
नागिन सा डसते हैं।।

बदले की आग में ये ,
हरपल ही जलते हैं।
नए नए ये हर दिन,
षड्यंत्र रचते हैं।।

रिश्तों के बाजार में,
इनके भाव बदलते हैं।
जरूरत के हिसाब से,
इनके बोल लगते हैं।।

कभी रोते हँसते हैं,
कभी डरते सहमते हैं।
ये रिश्ते भी हर रस में,
खूब रमते हैं।।

कभी प्यार मोहब्बत के,
मीठे गीत गाते हैं।
धोखा करने में ये,
जरा भी ना लजाते हैं।।

ग़लतफ़हमी की जमीं में ये,
शक के बीज बोते हैं।
बेबसी में रिश्तों को,
कभी हम ढोते हैं।।

मुश्किल घड़ी में ये,
कभी साथ निभाते हैं।
कभी बड़ी बेरहमी से,
दिल तोड़ जाते हैं।।

कभी आशा कभी विस्वास,
दिल में ये जगाते हैं।
मुसीबत में कुछ रिश्ते,
हमें धीरज बंधाते हैं।।

ये रिश्ते सारे ही,
सबक हमको सिखाते हैं।
जीवन का हर पाठ,
सदा हमको पढ़ाते हैं।।

स्वरचित
सपना (सo अo)
प्राoविo-उजीतीपुर
विoखo-भाग्यनगर
जनपद-औरैया

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।