मेरे गांव में

Read Time0Seconds

रोज सूरज उगता था
एक जैसा…
परन्तु आज अलग उगा है
जिसमें कोई आकर्षण नहीं
नजर आ रहा है फीका-फीका सा
जो कल तक चलती थी शीतल मंद-मंद हवा मेरे गांव में,
वो आज हो गई है बेहद जहरीली ।

कल हुए दंगों ने मेरे गांव में
फैला दी है शमशानों सी काट खाने वाली शैतानी खामोशी
सब कुछ थमा-थमा सा लग रहा है ।
देर रात तक सरकारी बूटों की आवाजों ने
भोले भाले मेरे गांव के लोगों के हृदय की गति को बढ़ा दिया है
डर के मारे दुबके पड़े हैं घरों की चारदीवारी में…
उन्हें सता रहा है कानूनी कार्रवाई का ड़र क्योंकि, लगेगा गेहूं के साथ बथुए को पानी
मुट्ठीभर दबंगों ने छीन ली मेरे गांव की शांति
कुछ लोगों को डर था कि अब ढ़ह जायेगा उनकी बेईमान राजनीति का किला
और इसी ड़र में झोंक दिया मेरा गांव दंगों की भट्टी में…
अब पता नहीं कब तक चलेंगी जहरीली हवायें मेरे गांव में,
यही सोचकर चीत्कार रही है मेरी आत्मा…

  • मुकेश कुमार ऋषि वर्मा
    ग्राम रिहावली डाक तारौली गूजर,
    फतेहाबाद, आगरा 283111
0 0

matruadmin

Next Post

महंगाई की मार,लोग है लाचार,कब सुनेगी सरकार?

Fri Apr 16 , 2021
खुदरा बाजार में मँहगाई तो हमेशा से दिखती रही है लेकिन विवशता तो तब सामने आई जब थोक मँहगाई दर पिछले सारे रिकार्ड को तोड़ते हुए थोक कीमतो पर आधारित मुद्रास्फीति 7•39 प्रतिशत हो गयी है।मँहगाई की यह ऊँची रफ्तार आम लोगो पर भारी है। फरवरी में यह केवल 4•17 […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।